गोंदिया. गोरेगांव तहसील में जंगली सूअरों का बढ़ता आतंक किसानों के लिए गंभीर संकट बनता जा रहा है. बुधवार सुबह महज एक घंटे के भीतर कलपाथरी और पालेवाड़ा गांव के खेतों में जंगली सूअरों ने अलग-अलग घटनाओं में हमला कर छह किसानों को घायल कर दिया. लगातार हुई इन घटनाओं से क्षेत्र में दहशत का माहौल है और किसानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे कलपाथरी निवासी किसान राधेश्याम शेगो राऊत (48) अपने खेत में कृषि कार्य कर रहे थे. इसी दौरान झाड़ियों में छिपे जंगली सूअर ने अचानक हमला कर दिया. उन्हें बचाने पहुंचे प्रदीप दाजीबा राऊत (35) और जितेंद्र चैत्राम गावराने (30) भी हमले में घायल हो गए. आसपास के किसानों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर तीनों को सूअर के चंगुल से छुड़ाया और तत्काल ग्रामीण अस्पताल गोरेगांव पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद राधेश्याम राऊत के सिर में गंभीर चोट होने के कारण उन्हें सीटी स्कैन और आगे के उपचार के लिए जिला सामान्य अस्पताल गोंदिया रेफर किया गया, जबकि अन्य दो घायलों का उपचार जारी है. इसी दिन सुबह करीब 9 बजे पालेवाड़ा के खेतों में भी जंगली सूअर ने हमला कर दिया. इस घटना में उस्मानभाई केशवराव राखड़े (50), लालाजी धोमा बागड़े (45) और धीरज लालाजी बागड़े (22) घायल हो गए. तीनों को भी उपचार के लिए गोरेगांव ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस तहसील अध्यक्ष जगदीश येरोला, अर्थ व बांधकाम सभापति डा. लक्ष्मण भगत, जिप सदस्य शशीभाऊ भगत तथा पंचायत समिति के पूर्व सभापति मनोज बोपचे ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना. उन्होंने शासन से तत्काल आर्थिक सहायता देने तथा वन विभाग से प्रभावी और स्थायी उपाय करने की मांग की. ग्रामीणों ने बताया कि गोरेगांव तहसील के कई गांवों में जंगली सूअरों के कारण धान, मक्का और अन्य फसलों को लगातार नुकसान पहुंच रहा है. अब किसानों की जान भी खतरे में पड़ने लगी है. कई बार शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से किसानों में भारी नाराजगी है. एक ही दिन में दो गांवों में हुए इन हमलों के बाद क्षेत्र के किसानों ने वन विभाग से जंगली सूअरों के आतंक पर तत्काल नियंत्रण करने, प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा देने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी उपाय लागू करने की मांग की है1
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घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है. घायलों को शासन के नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. पंचनामा व अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है.
श्रेजल आखरे, वनपरिक्षेत्र अधिकारी, आमगांव



