गोंदिया. गंगाझरी रेलवे स्टेशन के समीप 5 जुलाई सुबह करीब 7 बजे रेलवे ट्रैक पार कर रहे एक जंगली भालू की तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वन्यजीव प्रेमियों ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावी सुरक्षा उपायों की मांग की है।
गंगाझरी क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है, जहां भालू, तेंदुआ, हिरण, जंगली सूअर सहित कई वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। भोजन, पानी और सुरक्षित आवास की तलाश में ये वन्यजीव अक्सर रेलवे ट्रैक पार करते हैं। ऐसे में समय-समय पर ट्रेन की चपेट में आने से वन्यजीवों की मौत की घटनाएं सामने आती रहती हैं, लेकिन अब तक स्थायी और प्रभावी समाधान नहीं हो पाया है, रविवार सुबह हुई घटना में रेलवे ट्रैक पार करते समय तेज रफ्तार ट्रेन ने भालू को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और पंचनामा कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि इस क्षेत्र में वन्यजीवों की नियमित आवाजाही के बावजूद उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। उनका मानना है कि संवेदनशील स्थानों पर वन्यजीवों की निगरानी, चेतावनी प्रणाली, सुरक्षा बाड़ (फेंसिंग) तथा रेलवे प्रशासन और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वन विभाग की निगरानी में कमी के कारण क्षेत्र में अवैध वृक्ष कटाई, शिकार के प्रयास तथा जंगल में अन्य गैरकानूनी गतिविधियां भी बढ़ रही हैं। यदि समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो वन संपदा और जैव विविधता को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
गंगाझरी क्षेत्र वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण आवास माना जाता है। ऐसे में पर्यावरण प्रेमियों ने यहां नियमित गश्त बढ़ाने, रेलवे ट्रैक के संवेदनशील हिस्सों की पहचान कर विशेष सुरक्षा उपाय लागू करने तथा वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए विशेष कॉरिडोर विकसित करने की मांग की है। भालू की मौत कq घटना के बाद नागरिकों और वन्यजीव प्रेमियों ने संबंधित विभागों से भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।



