घोंसी पुल से आवागमन खतरनाक

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2017 से जर्जर : विभाग की अनदेखी
गोंदिया. सालेकसा तहसील के नानव्हा-घोंसी मार्ग पर करीब 30 वर्ष पहले कुआढास नाले पर बना पुल जर्जर हो गया है. जिससे आवागमन करना खतरनाक साबित हो सकता है. लेकिन इस ओर संबंधित विभाग की अनदेखी है.
सालेकसा तहसील के नानव्हा-घोंसी परिसर के धानोली, बोदलबोडी, दरबड़ा, गरूटोला, बिंझली व आगे जाकर सालेकसा निकलने वाले मार्ग पर करीब 30 वर्ष पहले कुआढास नाले पर पुल बनाया गया था. पुल छात्र, किसान व नागरिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. लेकिन पिछले 2017 से पुरी तरह जर्जर हो गया है. पुल की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इस पुल से यातायात तुरंत बंद कर देनी चाहिए व पुल को नया बनाने की जरूरत है. लेकिन इस मार्ग के लिए नानव्हा, घोंसी परिसर के सैकडो छात्र, किसान, नागरिकों के लिए कोई दुसरा वैकल्पिक मार्ग नहीं होने के कारण पुल को श्रमदान से सुधार कर जैसे तैसे उपयोग में लाया जा रहा है. अब बारिश के समय में पुल पर बड़े-बड़े गड्ढे पड़ गए है. लेकिन अनेक किसानों, छात्रों व नागरिकों को अपने आवश्यक कामो के लिए इस पुल को पार कर दूसरी तरफ जाना पड़ रहा है. किसान तो सबसे ज्यादा परेशान है. क्योंकि कई किसानों का खेत पुल के दूसरी तरफ है. ऐसे में अब इस पुल से ना ट्रैक्टर जा पा रहा है, ना ही बैलगाडी. ऐसे में खेती के काम के लिए खेत कैसे पहुंचे यह प्रश्न किसानों के सामने निर्माण हो गया है. नए पुल के निर्माण के मांग को लेकर कई बार विधायक, सांसद, मंत्री व प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर भी नए पुल के निर्माण को लेकर किसी प्रकार की कार्रवाही नहीं हुई है. अब जब बारिश में एकबार फिर पुल की मरम्मत ग्रामपंचायत नानव्हा के सरपंच गौरीशंकर बिसेन के नेतृत्व में श्रमदान से की गई. लेकिन लगातार आ रही बारिश से फिर पुल में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए है. जिससे पुल पर किसी प्रकार का वाहन जा ही नहीं पा रहा है. पुल पर से यात्रा जानलेवा हो गई है. ऐसे में पुल के मरम्मत को लेकर सरपंच गौरीशंकर बिसेन के नेतृत्व में नागरिकों ने जिप लोकनिर्माण विभाग से बात की तो उन्होंने जवाब दिया की यह मार्ग मुख्यमंत्री ग्रामस डक योजना अंतर्गत है. आप उनसे बात करे तब मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग से बात की गई तो उन्होंने कहा की हम नया मार्ग नया पुल बनाते है. पुल की मरम्मत नहीं करते. लेकिन ऐन बारिश में नया पुल नहीं बन सकता. दोनों ही विभाग ने पुल की मरम्मत को लेकर हाथ खड़े करने से अब नागरिक सवाल कर रहे कि अब बताओं साहब हम कहा जाए.

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