गोंदिया. केंद्र सरकार ने तीन नए आपराधिक कानून पारित किए हैं. इसे 1 जुलाई 2024 से लागू किया गया. इस अधिनियम में पुलिस जांच की कार्य प्रणाली व प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए गए हैं. गोंदिया जिले के 16 पुलिस थानों में से दवनीवाड़ा थाने में पहले दिन एक मामला दर्ज किया गया है.
महाराष्ट्र पुलिस बल के सभी जांच अधिकारियों और अंमलदारों के आपराधिक जांच कार्य में सटीकता और गति सुनिश्चित करने और आपराधिक सजा की दर बढ़ाने के लिए यह कानून महत्वपूर्ण होने जा रहे हैं. शरीर के खिलाफ अपराध, महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अपराध, संपत्ति संबंधी अपराध, आर्थिक अपराध, संगठित व छोटे संगठित अपराध, आतंकवादी कृत्य व दुर्घटना आदि की धाराओं में संशोधन किया गया है. पहला मामला दवनीवाड़ा थाने में भारतीय न्याय संहिता-2023 (बीएनएस) के तहत दर्ज किया गया है. केंद्र सरकार द्वारा भारतीय दंड संहिता, 1860 को निरस्त कर दिया गया है और भारतीय दंड संहिता, 2023 (बीएनएस) को भारत के नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए देश के नए कानून के रूप में 25 दिसंबर 2023 को लागू किया गया है. 1 जुलाई 2024 से देशभर में संशोधित नये कानून भारतीय न्यायिक संहिता-2023 का क्रियान्वयन शुरू हो गया है. ब्रिटिश भारतीय दंड संहिता अब इतिहास बन गई है.


