शवविच्छेदन से परिजनों ने किया इनकार : पुलिस की समझाइश के बाद दी सहमति
गोंदिया. तिरोड़ा उपजिला अस्पताल में भर्ती तीन दिन के नवजात बालक की अचानक मौत से सोमवार रात अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई. घटना 31 अगस्त की रात करीब 12.30 बजे की है. शवविच्छेदन को लेकर परिजनों ने शुरुआत में आपत्ति जताई. बाद में पुलिस और अस्पताल प्रशासन की समझाइश के बाद परिजनों ने सहमति दी, जिसके बाद शवविच्छेदन कर मृतदेह परिजनों को सौंप दिया गया.
जानकारी के अनुसार, तिरोड़ा तहसील के जमुनिया निवासी महिला को प्रसूति के लिए 29 अगस्त को उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. महिला ने सुरक्षित प्रसव के बाद नवजात को जन्म दिया था. प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों डाक्टरों की निगरानी में थे. 31 अगस्त की रात करीब 12.30 बजे नवजात में कोई हलचल नहीं होने की जानकारी ड्यूटी पर तैनात डाक्टरों को दी गई. डाक्टरों ने जांच की तो नवजात की मौत हो चुकी थी. अचानक हुई मौत की जानकारी मिलते ही अस्पताल में परिजन और अन्य लोग जमा हो गए. घटना की सूचना मिलने पर हवलदार सुनील नागपुरे और पुलिस कर्मचारी मोहित चौधरी अस्पताल पहुंचे. पुलिस ने पंचनामा किया. इस दौरान परिजनों ने नवजात के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने की मांग करते हुए आपत्ति जताई. इससे कुछ समय के लिए अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल रहा. इसके बाद पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को समझाया. नवजात की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट करने के लिए शवविच्छेदन आवश्यक होने की जानकारी दिए जाने पर परिजनों ने सहमति दी. इसके बाद शवविच्छेदन की प्रक्रिया पूरी कर मृतदेह परिजनों को सौंप दिया गया.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा मौत का कारण
उपजिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. राहुल शेंडे के अनुसार, शुरुआत में मां और नवजात दोनों की हालत सामान्य थी. प्राथमिक जानकारी के आधार पर रात में मां द्वारा सोने की अवस्था में बच्चे को स्तनपान कराने के दौरान सांस रुकने की संभावना जताई जा रही है. लेकिन, नवजात की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा.



