गोंदिया. जिले में गर्मी का पारा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, फिलहाल जिले का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है. जिसके कारण लू लगने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. लू से बचाव के लिए उचित सावधानी बरतें. ऐसी अपील जिलाधीश डॉ. मंगेश गोंदावले ने नागरिकों से की है. जिलाधीश कार्यालय के सभागृह में लू की पूर्व तैयारी को लेकर समीक्षा की गई, उस समय वे बोल रहे थे. इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एम. मुरुगनाथम, उपजिलाधीश (सामान्य) मानसी पाटिल, उपजिलाधीश (चुनाव) विजय अवधाने, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी राजन चौबे, सभी उपविभागीय अधिकारी और तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे.
गोंदावले ने कहा, वर्तमान में जिले में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, और मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि अगले कुछ दिनों में इसमें वृद्धि होगी. इसलिए लू के प्रभाव को लेकर सभी विभाग सतर्क होकर काम करें. लू से होने वाली मृत्यु से बचने के लिए पर्याप्त सावधानी बरतनी चाहिए. उन्होंने कहा कि गर्मी के दिन होने के कारण नागरिकों को अपने घरों में हरे रंग की चटाई का उपयोग करना चाहिए, ताकि गर्मी की मात्रा को कम करने में मदद मिल सके. गोंदावले ने आगे कहा, प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में हीट स्ट्रोक रूम स्थापित किया जाए. गर्मी का पारा बढ़ने के कारण नागरिकों को आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है. लू के लक्षण महसूस होने पर बिना देर किए नजदीकी अस्पताल में इलाज कराएं. प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र के आसपास लू से बचाव के संबंध में जागरूकता पैदा करने के लिए पांपलेट लगाए जाएं. लू के मरीजों के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों में अलग से मेडिकल वार्ड की व्यवस्था की जाए. प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों व अन्य स्थानीय अस्पतालों में ओ.आर.एस. (ओआरएस) पाउडर सहित आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध रखा जाए. उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों, विकलांग व्यक्तियों, महिलाओं, बुजुर्गों और मजदूरों जैसे कमजोर समूहों के लिए विशेष देखभाल की व्यवस्था की जाए. प्रत्येक सरकारी कार्यालय में जनता से मिलने के लिए दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है. लेकिन अभी गर्मी के दिन हैं, इसलिए नागरिकों को मिलने का समय सुबह 10 बजे से 11 बजे या शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच दिया जाए. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि स्कूल और कॉलेज का समय भी सुबह का रखा जाए.
तेज गर्मी में बाहर जाने से बचें : जिलाधीश डॉ. मंगेश गोंदावले
RELATED ARTICLES






