गोंदिया. अर्जुनी मोरगांव तहसील के धाबेटेकड़ी आदर्श गांव में पिछले कुछ दिनों से एक तेंदुआ परेशानी का सबब बना हुआ है. 10 अप्रैल को तेंदुए ने छह साल के प्रज्वल मेश्राम की जान ले ली. इससे लोगों ने यंत्रणा के खिलाफ अपना रोष जाहिर किया. इस बीच, वन विभाग ने धाबेटेकडी क्षेत्र से दो तेंदुओं को पिंजरे में कैद कर लिया. जिससे धाबेटेकड़ी आदर्श गांव के लोगों ने राहत की सांस ली. लेकिन, अगले ही दिन से फिर से तेंदुए का उत्पात शुरू हो गया है. तेंदुआ गांव में घुस आया और बकरियों व मुर्गियों का शिकार कर लिया. इससे अर्जुनी मोरगांव तहसील में डर का माहौल पैदा हो गया है.
अर्जुनी मोरगांव तहसील में पिछले कुछ दिनों से बहुत जंगली जानवरों गतिविधियां बढ़ गई है. जंगली हाथियों के आतंक के साथ ही बाघ और तेंदुए भी गांव में घुसकर शिकार कर रहे हैं. 10 अप्रैल को 6 साल के प्रज्वल मेश्राम की तेंदुए के हमले में मौत हो गई जब वह लघुशंका के लिए अपने घर के आंगन में जा रहा था. इस घटना से धाबेटेकडी परिसर में दहशत का माहौल बन गया. घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने नरभक्षी तेंदुए को कैद करने की व्यवस्था की. घटना के दो दिन बाद एक तेंदुए को कैद कर लिया. लेकिन दूसरे दिन से ही ईसापुर, ईटखेड़ा, धाबेटेकडी क्षेत्र में एक बार फिर तेंदुए की हलचल देखी गई. दूसरा तेंदुआ भी उसी पिंजरे में फंस गया. दो तेंदुओं के पिंजरे में कैद होने से नागरिकों ने राहत की सांस ली. लेकिन दूसरे दिन से गांव में एक और तेंदुआ देखा गया. किसान अमरदास भोवते के घर के पास तेंदुआ देखा गया. रविवार को तेंदुए ने देवराव जांभुलकर के घर की गौशाला में बंधे एक बकरे का शिकार किया. लगातार दो तेंदुओं के पकड़े जाने के बाद भी तीसरे तेंदुए की परेशानी बरकरार है, जिससे धाबेटेकडी के ग्रामीण काफी परेशान हैं. उधर, तीसरे तेंदुए को पिंजरे में कैद करने के लिए वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है. बताया गया है कि दो पिंजरे लगाए गए है और तेंदुए की गतिविधि को कैद करने के लिए कैमरे भी लगाए गए हैं.
दो तेंदुए पिंजरे में कैद, अब तीसरा तेंदुआ बना मुसीबत, धाबेटेकाडी आदर्श गांव में डर का माहौल
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