गोंदिया. गत वर्ष गोंदिया नगर परिषद चुनाव आचार संहिता लागु होने के ठीक पहले सितम्बर-अक्टुबर माह में न. प. प्रशासक द्वारा जिला नियोजन समिती द्वारा विभित्र योजनाओं में मंजूर 17.50 करोड़ रुपये निधी के अनावश्यक एवं पहले से ही अन्य योजनाओं में पूर्ण हो चुके कार्यों को को पुनः पुनः मंजुरी कर आनन-फानन में मैनेज निविदा निकालकर न सिर्फ कार्यारंभ आदेश जारी किये गये, बल्कि आचार संहिता के दौरान कई बोगस बिल तैयार कर, न.प.लेखाधिकारी स्वप्नील मेश्राम से सांठगांठ कर गैरकानुनी भुगतान भी दे दिया गया. इस संदर्भ में न.प. के नवनिर्वाचित नगराध्यक्ष एवं पार्षदों ने जिले के पालकमंत्री इंद्रनिल नाईक के पिछले दौरे पर उन्हें इस 17.50 करोड़ रुपये के घोटाले से अवगत कराते हुए सभी कार्यारंभआदेशों को रद्द करने तथा उच्च स्तरीय जांच का निवेदन किया था, जिस पर पालकमंत्री ने जिलाधिकारी को जांच के आदेश दिए थे तथा जिलाधिकारी ने उपविभागीय अधिकारी को जांच का कार्यभार सौंपा था. लेकिन पालकमंत्री के आदेश के बावजूद ना कोई जांच हुई, ना सत्य सामने आ सका.
इस संदर्भ में 20 अप्रैल को न.प. के मनोनीत सदस्य प्रफुल गोपालदास अग्रवाल एवं नगराध्यक्ष सचिन शेंडे के नेतृत्व में पुनः न.प. सदस्यों के प्रतिनिधी मंडल ने पालकमंत्री से भेंट कर उन्हें स्थिती से अवगत कराया तथा समयबध्द जांच एवं दोषियों पर कार्यवाही की मांग की, जिस पर पालकमंत्री ने जिलाधिकारी को आगामी दो सप्ताह में जांच कर सारी स्थिती
स्पष्ट करने एवं सभी पहले हो चुके बोगस कार्यों को रद्द करने के कड़े निर्देश दिए. पालकमंत्री इंद्रनिल नाईक ने किन्ही बोगस कार्यों के भुगतान की स्थिती में संबंधित अधिकारीयों तथा ठेकेदारों से वसुली कार्यवाही के भी निर्देश जिलाधिकारी को दिए। प्रफुल गोपालदास जी अग्रवाल के अनुरोध पर गोंदिया नगर परिषद को 3.50 करोड़ तथा गोरेगांव-सालेकसा नगर पंचायतों को 50-50 लाख की विकास निधी दलित बस्ती योजना अंतर्गत मंजुरी के निर्देश भी पालकमंत्री ने जिलाधिकारी डॉ. मंगेश गोंदावले का दिए है, यह विशेष उल्लेखनीय है। प्रतिनिधी मंडल में प्रफुल अग्रवाल के साथ नगराध्यक्ष सचिन शेंडे, अशोक गप्पु गुप्ता, पंकज यादव, ज्योती फुंडे, अमर रंगारी, चंद्रकुमार चुटे, सुनिल तिवारी, क्रांतीकुमार जायसवाल, शिलुताई ठाकुर, राकेश ठाकुर, अजय अग्रवाल, दीपा सुनिल सहारे, रुपेश नशीने सहित अन्य पार्षद उपस्थित थे.
पालकमंत्री के आदेशों के बावजुद नप गोंदिया में 17.50 करोड़ के बोगस कार्य मंजुरी की नहीं हुई जांच
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