तेरी और मेरी वर्दी का रंग एक ही

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छात्र आसमानी शर्ट और नीली पैंट में आएंगे नजर
गोंदिया. समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकार ने स्थानीय निकायों के स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को एक जोड़ी गणवेश दी है. तो अब दूसरे सेट की वर्दी के लिए धनराशि दी गई है. गणवेश वितरण की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन समिति की रहेगी. लेकिन इस वर्दी सेट में आसमानी रंग की शर्ट और नीले रंग की पैंट देने के निर्देश हैं. इसके चलते अब छात्र एक ही रंग की यूनिफॉर्म में नजर आएंगे.
सरकार ने शिक्षा का अधिकार लागू किया है और कोई भी विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रहे इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. जिसमें छात्रों को वर्दी और किताबें भी दी जाती हैं, ताकि स्थानीय सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों को पढ़ाई का बोझ न उठाना पड़े. यह वर्दी सभी लड़कियां, अनु. जाति बच्चे, आदिवासी बच्चों के साथ-साथ गरीबी रेखा से नीचे के बच्चों को दिया जाता है. हर साल दो जोड़ी निःशुल्क वर्दी दी जाती है और एक जोड़ी वर्दी स्कूल शुरू होने से पहले सरकार द्वारा प्रदान की जाती है. इसलिए दूसरे जोड़ी की ओर ध्यान लगा हुआ था. अब महाराष्ट्र प्राइमरी एजुकेशन काउंसिल ने यूनिफॉर्म के दूसरे सेट के लिए जिला परिषद को फंड दिया है. लेकिन ऐसे में निर्देश दिए गए हैं कि यूनिफॉर्म में अतिरिक्त तौर पर आसमानी रंग की शर्ट और नीले रंग की पैंट दिया जाए. जब पहली बार वर्दी दी गई तो स्कूल प्रबंधन समिति को वर्दी का रंग तय करने का अधिकार दिया गया.

जिले में 83,033 विद्यार्थी पात्र
इस वर्ष जिले में स्थानीय सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या 83 हजार 33 बताई गई और इस हिसाब से पहली जोड़ी यूनिफॉर्म के लिए 300 रु. दिए गए. अब दूसरी जोड़ी के लिए भी यही संख्या रखी गई है और जिले को 2,49,09,900 रु. दिए गए हैं. जल्द ही इस फंड को तहसील स्तर पर वितरित किया जाएगा. इसके बाद इसे स्कूल प्रबंधन समितियों को दिया जाएगा और उनसे यूनिफॉर्म तैयार कराई जाएगी.

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