नगराध्यक्ष, नायब तहसीलदार सहित 4 लोग एसीबी की जाल में फंसे

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1.82 लाख रु. की मांग : सड़क अर्जुनी नपं का मामला
गोंदिया. दो नालियों का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए शिकातकर्ता के लड़के से 1 लाख 82 हजार रु. रिश्वत की मांग करने वाले सड़क अर्जुनी नगर पंचायत के नगराध्यक्ष, नायब तहसील तथा प्रभारी मुख्याधिकारी, नपं के निर्माण सभापति, पार्षद, पार्षद का पति व एक व्यापारी को एसीबी विभाग ने रंगेहाथ पकड़ा.
शिकायतकर्ता का लड़का ठेकेदार है और उसे नगर पंचायत सड़क अर्जुनी के अंतर्गत विशेष अनुदान के तहत सन 2023-24 लेखा शिर्ष (2217-1301) योजना के तहत दो नाली निर्माण के लिए ई-निविदा मंजूर हुई थी. कार्य शुरू करने के लिए शिकायकर्ता ने मुख्याधिकारी व नगराध्यक्ष की मुलाकात की. इस दौरान नगराध्यक्ष ने निविदा राशि 12 लाख 15 हजार 634 रु. में से 15 प्रश. 1 लाख 82 हजार रु. रिश्वत की मांग की. नगराध्यक्ष ने वह रिश्वत एक दुकान में देने को कहा. जहां रिश्वत लेते हुए एसीबी विभाग के कर्मचारियों ने आरोपी को रंगेहाथ पकड़ा गया. आरोपी नगराध्यक्ष तेजराम किसन मडावी (66), नायब तहसील तथा प्रभारी मुख्याधिकारी शरद विठ्ठल हलमारे (56), नप निर्माण सभापति अश्लेश मनोहर अंबादे (35), पार्षद महेंद्र जयपाल वंजारी (34), पार्षद का पति जुबेर अलीम शेख, व्यापारी शुभम रामकृष्ण येरणे (27) के खिलाफ डुग्गीपार थाने में मामला दर्ज किया गया. यह कार्रवाई पुलिस उपअधीक्षक विलास काले, पुलिस निरीक्षक अतुल तवाडे, उमाकांत उगले, सहायक फौजदार चंद्रकांत करपे, हवलदार संजयकुमार बोहरे, मंगेश काहालकर, सिपाही संतोष शेंडे, संतोष बोपचे, अशोक कापसे, संगीता पटले, दीपक बाटबर्वे ने की.

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