गोंदिया. गोंदिया विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरिहरभाई मणिभाई पटेल का बुधवार, 4 नवंबर को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बढ़ती उम्र और अस्वस्थता के चलते उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से गोंदिया सहित विदर्भ के राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में शोक व्याप्त है।
हरिहरभाई पटेल विदर्भ की राजनीति के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में शामिल थे। उन्होंने 1990 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर गोंदिया विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। 1995 के चुनाव में भी उन्होंने अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराई। वे सरल स्वभाव और सहज उपलब्धता के लिए पहचाने जाते थे। गोंदिया के गुजराती समाज में भी उनका विशेष सम्मान था। सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में उनका निरंतर योगदान रहा। समाज को संगठित करने और विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्द बनाए रखने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद प्रफुल्ल पटेल के साथ भी उनके लंबे समय से सौहार्दपूर्ण राजनीतिक संबंध रहे। क्षेत्रीय विकास और संगठनात्मक विषयों पर वे अपने अनुभव एवं मार्गदर्शन के लिए जाने जाते थे। विधायक के रूप में उन्होंने क्षेत्र के बुनियादी विकास, पेयजल योजनाओं, ग्रामीण समस्याओं और शिक्षा के प्रसार के लिए प्रयास किए। शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़कर उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में भी योगदान दिया। उनके निधन पर राजनीतिक नेताओं, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने श्रद्धांजलि अर्पित कर इसे गोंदिया के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
पूर्व विधायक हरिहरभाई पटेल का निधन; राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में शोक की लहर
गोंदिया. गोंदिया विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरिहरभाई मणिभाई पटेल का बुधवार, 4 नवंबर को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बढ़ती उम्र और अस्वस्थता के चलते उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से गोंदिया सहित विदर्भ के राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में शोक व्याप्त है।
हरिहरभाई पटेल विदर्भ की राजनीति के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में शामिल थे। उन्होंने 1990 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर गोंदिया विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। 1995 के चुनाव में भी उन्होंने अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराई। वे सरल स्वभाव और सहज उपलब्धता के लिए पहचाने जाते थे। गोंदिया के गुजराती समाज में भी उनका विशेष सम्मान था। सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में उनका निरंतर योगदान रहा। समाज को संगठित करने और विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्द बनाए रखने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद प्रफुल्ल पटेल के साथ भी उनके लंबे समय से सौहार्दपूर्ण राजनीतिक संबंध रहे। क्षेत्रीय विकास और संगठनात्मक विषयों पर वे अपने अनुभव एवं मार्गदर्शन के लिए जाने जाते थे। विधायक के रूप में उन्होंने क्षेत्र के बुनियादी विकास, पेयजल योजनाओं, ग्रामीण समस्याओं और शिक्षा के प्रसार के लिए प्रयास किए। शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़कर उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में भी योगदान दिया। उनके निधन पर राजनीतिक नेताओं, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने श्रद्धांजलि अर्पित कर इसे गोंदिया के लिए अपूरणीय क्षति बताया।



