गोंदिया. सालेकसा तहसील के ग्राम बिंजली में 45 हेक्टेयर वन विभाग व राजस्व विभाग की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की महत्वपूर्ण कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है. यह पहल ग्राम की महिला सरपंच सुलोचना ऋषीलाल लिल्लारे के नेतृत्व में ग्रामसभा में पारित ठराव के आधार पर की गई. ग्राम पंचायत के समस्त सदस्यों, गांववासियों तथा संबंधित समितियों के सहयोग से यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है.
बिंझली गांव के पास वन व राजस्व विभाग की जमीन है जिसका सर्वे क्र. 690, 821/1, 821/2, 787, 472, 274, 93, 134 793/1, 793,740, 722 है. जिसका कुल क्षेत्र 45.922 हेक्टेयर है. कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर खेती शुरू कर दी थी. इस वजह से बिंझली गांव क्षेत्र में कोई भी सरकारी वन भूमि नहीं बची. इससे गांव के नागरिकों को परेशानी होती थी. गांव के पास की वन भूमि का वन अधिकार गांव को पहले ही मिल चुका था. लेकिन, वन अधिकार वाली जमीन पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा होने से वन अधिकार समिति ने उक्त जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने का निर्णय लिया और गांव के विकास कार्य के लिए उक्त जमीन को मुक्त कराने का निर्णय लिया और अतिक्रमण हटाने के लिए वन व राजस्व विभाग को पत्र जारी किया. ग्राम पंचायत बिंझली द्वारा दिए गए पत्र पर संज्ञान लेते हुए वन विभाग और राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से अतिक्रमण पर बुलडोजर चला दिया. वन विभाग और राजस्व विभाग की ओर से अतिक्रमण वाली जमीन को खाली कराया गया. यह कार्रवाई वन विभाग और राजस्व विभाग की ओर से अतिक्रमण हटाने की इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई बन गई है और दोनों विभागों को हर जगह बधाई दी जा रही है. यह कार्रवाई उपवन संरक्षक पवनकुमार जोंग, सहायक वन संरक्षक सचिन डोंगरवार के मार्गदर्शन में वनक्षेत्र अधिकारी रमेश घुटके, तहसीलदार एन.एस. कोंडागुर्ले, क्षेत्र सहायक बी.ए. कोहरे, जे.डी. खान, ओ.एस. बनोटे, ओ.डी. तुरकर, प्रियंका पटले, वनरक्षक गणेश पाऊलझगड़े, बीट रक्षक सालेकसा वनक्षेत्र के वनरक्षक, वनकर्मी, पुलिस कर्मचारी, ग्राम पंचायत सरपंच, उपसरपंच विक्रांत सुभाष मिश्रा, सदस्य व वन अधिकार समिति अध्यक्ष हरिचंद्र वट्टी के साथ ही सभी सदस्यों और ग्रामीणों ने की.



