गोंदिया. जिले के गोरेगांव तहसील अंतर्गत मुरदोली गांव में एक खेत की कुएं से सड़े-गले हालात में मिले बाघ के शव के मामले में वन विभाग ने एक किसान को हिरासत में लिया है। बाघ की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुरदोली निवासी रोशन लालचंद कटरे (53 वर्ष) के खेत स्थित कुएं में 11 जुलाई की शाम एक वयस्क बाघ का सड़ा-गला शव बरामद हुआ था। मामले की जांच के दौरान वन विभाग ने 15 जुलाई को रोशन कटरे को हिरासत में लिया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उन्हें सड़क अर्जुनी न्यायालय में पेश किया जाएगा। वन विभाग की ओर से न्यायालय से वन अभिरक्षा (फॉरेस्ट कस्टडी) की मांग भी किए जाने की जानकारी मिली है।
इस मामले में 12 जुलाई को अज्ञात आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39 और 51 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि संबंधित किसान के खिलाफ वर्ष 2024 में एक जंगली गौर (रानगवा) की मौत के मामले में भी वन अपराध दर्ज किया गया था। उस समय विद्युत करंट लगने से गौर की मौत होने की आशंका जताई गई थी तथा उसके शव को गड्ढा खोदकर जमीन में दफनाने का आरोप भी लगा था। इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने उन्हें संदेह के आधार पर हिरासत में लिया है। फिलहाल बाघ की मौत के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। वन विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी। मामले की आगे की जांच सड़क अर्जुनी के अतिरिक्त प्रभार वाले वन अधिकारी आर. जी. बेहरे कर रहे हैं।



