गोंदिया. फूलचूर धर्मकाटा के सामने वनौषधी जड़ी-बूटी बेचने वाले एक परिवार ने आश्रय ले रखा है. उनमें से 8 स्कूल न जाने वाले बच्चों को समग्र शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक बालरक्षक इन्होंने जिला परिषद फुलचुर स्कूल में भर्ती कराया.
आनंदी देवी स्कूल के पास यवतमाल और चंद्रपुर से आठ परिवार आए हैं. सीधे वहां जाकर उन बच्चों की जानकारी ली गयी. जिला समन्वयक बाल रक्षक कुलदीपिका बोरकर और बाल रक्षक संतोष खेरडे ने 6 से 14 वर्ष की आयु के 8 बच्चों को स्कूल से बाहर पाया. वह बच्चों को निकटतम जि.प. स्कूल में भर्ती कराने के लिए उस स्थान पर गये एवं प्राथमिक विद्यालय फुलचूर के प्रधानाध्यापक एस.टी. ठाकरे को बुलाया गया और उनका नाम उस स्कूल में दाखिल किया गया. जिला समन्वयक बाल रक्षक कुलदीपिका बोरकर ने अस्थायी परिवारों के अभिभावकों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराया.



