गोंदिया. अमेरिका के विश्व प्रसिद्ध हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व सहायक प्रोफेसर, दी एसोसिएशन ऑफ रिसर्च एकेडमिशियन्स एंड यंग एक्विटविस्ट अरण्य भारत के संस्थापक श्रेयस दिलीपराव पन्नासे और शोधकर्ता प्रोफेसर डॉ. नितिन गणोरकर ने गोंदिया के प्रसिद्ध एनएमडी कॉलेज को भेट देकर भूगोल के छात्रों को शोध विषयों पर मार्गदर्शन किया।
जानकारी में बताया गया कि शोधकर्ता श्रेयस पन्नासे को भारतीय संसद में राज्यसभा शोधकर्ता और अध्ययन योजना में शोधकर्ता के रूप में चुना गया हैं। वे आदिवासी सामुदायिक जीवन पर शोध कर रहे हैं। गोंदिया जिले में आदिवासी जीवन, प्राकृतिक संसाधनों और जंगलों पर शोध के लिए प्रो. डॉ. नितिन गणोरकर के साथ गोंदिया जिले के विभिन्न स्थानों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान शोधकर्ता श्रेयस पन्नासे और प्रो. डॉ. नितिन गणोरकर ने गोंदिया के एनएमडी कॉलेज को भेट दी। इस दौरान उन्होंने प्राचार्य डॉ. रविद्र मोहतुरे और भूगोल विभागा प्रमुख प्रो. डॉ. शशिकांत कडू के साथ शोध और फेलोशिप पर चर्चा की। इसके बाद छात्रों को मार्गदर्शन करते हुए बताया कि, फेलोशिप कैसे प्राप्त की जा सकती है। इसके लिए हमें कैसी तैयारी करनी चाहिए, ताकि विद्यार्थी अपने शैक्षणिक जीवन में शोध के अनुभव का लाभ उठा सकें, इस प्रकार शोधकर्ता श्रेयस पन्नासे और प्रो. डॉ. नितिन गणोरकर ने छात्रों के साथ चर्चा कर अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर भूगोल विभाग के प्रोफेसर नीलकंठ भेंडारकर, प्रोफेसर डॉ. अंकित जायसवाल और प्रोफेसर शुभांगी डडमल उपस्थित थे।






