गोंदिया. जिले में पांच वर्ष तक के बच्चों को डायरिया जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने और बाल मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से 16 जून 2026 से 31 जुलाई 2026 तक विशेष ‘स्टॉप डायरिया’ अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत जिले के 82,824 बच्चों को ओआरएस घोल और जिंक की गोलियों का लाभ प्रदान किया जाएगा। यह जानकारी जिलाधिकारी डॉ. मंगेश गोंदावले ने दी। जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के सफल संचालन के लिए पर्याप्त मात्रा में चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराई गई है। वर्तमान में जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में 91,858 ओआरएस पैकेट, 1,60,800 जिंक की गोलियां तथा 3,887 जिंक सिरप उपलब्ध हैं। आवश्यकता के अनुसार इनका वितरण किया जाएगा। अभियान के दौरान जिले की 1,292 आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों की स्वास्थ्य जांच करेंगी तथा आवश्यकता पड़ने पर ओआरएस और जिंक की दवाएं उपलब्ध कराएंगी। साथ ही अभिभावकों को हाथों की स्वच्छता, साफ पेयजल और डायरिया से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस विशेष अभियान के अंतर्गत जिले की 1,878 आंगनवाड़ी केंद्रों और 1,165 जिला परिषद विद्यालयों में भी बच्चों का सर्वेक्षण एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इसके माध्यम से बड़ी संख्या में परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएंगी और बरसात के मौसम में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सहायक जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार वाघमारे तथा जिला माता एवं बाल स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रोशन राऊत ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने पांच वर्ष तक के बच्चों की समय पर स्वास्थ्य जांच कराएं और आशा कार्यकर्ताओं को आवश्यक जानकारी देकर सहयोग करें। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में डायरिया का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए समय पर सावधानी और उपचार बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।



