गोंदिया. सड़क अर्जुनी तहसील के वडेगांव के सरपंच, उपसरपंच सहित दो अन्य सदस्यों को रिश्वत मांगने के आरोप में दोषी पाए गए तथा ग्रामीण विकास मंत्री ने उनकी अपील खारिज कर दी. ग्राम पंचायत की कार्यवाही में कदाचार के मामले में धारा 39(3) के तहत कार्रवाई की गई है. अपात्र घोषित सदस्यों के नाम सरपंच रीना हेमंत तरोने, उपसरपंच दिनेश सुनील मुनेश्वर, मार्तड मंसाराम मेंढे और लोपा विजय गजभिये बताया गया हैं.
जानकारी के अनुसार, भ्रष्टाचार निरोधक विभाग, नागपुर ने 19 अगस्त 2023 को सड़क अर्जुनी तहसील के वडेगांव ग्राम पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत निविदा के अंतर्गत रूपचंद मेंढे से माणिक हत्तीमारे तक सड़क बनाने, मातामाय मंदिर से धोडी तक सड़क बनाने और आंगनवाड़ी क्र. एक व चार में पेवर ब्लॉक लगाने के कार्य के लिए स्वीकृत बिल 15 लाख 95 हजार 696 रु. राशि से 5 प्रश. के रूप में 75,000 रु. की रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया. क्योंकि सरपंच, उपसरपंच और दो अन्य सदस्यों के कार्यों ने जनता के मन में सरकार की छवि धूमिल की और उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय दुर्व्यवहार किया, इसलिए अयोग्यता का प्रस्ताव नागपुर के संभागीय आयुक्त को प्रस्तुत किया गया था. जिसके नुसार, संभागीय आयुक्त, नागपुर ने आवेदक और अनावेदक के विचारों को सुनने के बाद 2 फरवरी 2024 के आदेश द्वारा सरपंच, उपसरपंच और दो अन्य सदस्यों को अयोग्य घोषित कर दिया. अनावेदक ने इस आदेश के खिलाफ ग्रामीण विकास मंत्री के पास अपील दायर की. उस अपील पर 19 जुलाई 2024 को तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री ने संभागीय आयुक्त, नागपुर के आदेश पर रोक लगा दी और अगली सुनवाई 1 अक्टूबर 2025 को मंत्रालय, मुंबई में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से की.
वडेगांव के सरपंच, उपसरपंच सहित दो सदस्य अपात्र घोषित
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