गोंदिया. बालाघाट जिले के चिखली निवासी मिराबाई माखनलाल दशहरे (38) की अपने मायके सालेकसा तहसील पानगांव के तालाब में डूबने से मौत हो गई.
जानकारी के अनुसार, मिराबाई दशहरे 18 फरवरी को सुबह 11 बजे लड़का रोहित दशहारे व पति माखनलाल दशहरे के साथ अपने मायके सालेकसा तहसील के पानगांव आई थी. उसे मायके छोड़कर पति व लड़का गांव लौट गए. लेकिन उसके बाद शाम 4 बजे से वह अपने पिता के घर से लापता थी. दो दिनों तक उसकी तलाश की गई. लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. उसके पिता रमेश पगरवार ने 19 फरवरी को दोपहर 2 बजे सालेकसा थाने में लड़की मिराबाई लापता होने की शिकायत दर्ज की. 21 फरवरी को सुबह 8 बजे पिता रमेश घर के आगे बैठा था. इसी बीच ग्रामवासियों ने बताया की तालाब में एक शव दिखाई दिया. परिवार सदस्य तालाब के पास गए. परिवार के सदस्यों ने वह शव मिराबाई का होने की पहचान की. यह खबर मीराबाई के पति को दी गई. पनगांव के पूर्व सरपंच चेतलाल हटिले ने सालेकसा पुलिस को जानकारी दी. सालेकसा पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामवासियों की मदद से शव को बाहर निकाला. शव को पोस्टमार्टम के लिए ग्रामीण अस्पताल सालेकसा ले जाया गया. पिता ने पुलिस को बताया कि मीराबाई और उसके पति माखनलाल दशहरे का किसी वजह से विवाद हुआ था. फिर वह जिद कर रही थी कि मुझे मेरे मायके छोड़ दिया जाए. 18 तारीख को उसके पति और बेटे ने उसे मायके छोड़ दिया था. 18 फरवरी को शाम 4 बजे वह बिना किसी को बताए पानगांव अपने पिता के घर से निकल गई. इधर-उधर घूमने के बाद उसने 18 फरवरी की रात को तालाब में कूदकर आत्महत्या कर ली होगी, यह अंदाजा उसके पिता ने लगाया. सालेकसा पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है. जांच पुलिस निरीक्षक भुषण बुराडे के मार्गदर्शन में चल रही है.
पानगांव तालाब में डूबने से महिला की मौत
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