गोंदिया. नंगपुरा मुर्री ग्राम पंचायत के सात सदस्यों को अयोग्य घोषित करने के जिलाधीश के आदेश पर अब रोक लग गई है. अपर आयुक्त, नागपुर ने 20 जुलाई को इस आदेश को स्थगित कर दिया है. इसके चलते फिलहाल सातों ग्राम पंचायत सदस्यों के पद कायम रहेंगे.
जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम के प्रावधानों के तहत जिलाधीश ने ग्राम पंचायत टैक्स (मालमत्ता कर) निर्धारित समयावधि में जमा नहीं करने के कारण नंगपुरा मुर्री ग्राम पंचायत के सात सदस्यों को 2 जुलाई 2026 को सदस्य पद के लिए अयोग्य घोषित किया था. यह आदेश ग्राम पंचायत की सरपंच कविता माधवराव लिचड़े द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर सुनवाई के बाद जारी किया गया था. अयोग्य घोषित किए गए सदस्यों में करण कैलाश टेकाम, रणधीर मदन शहारे, रवि मुकेश बोमचेर, लीना उमेश पारधी, इंद्रकला ओमप्रकाश पारधी, मंदा दुर्गेश भिवगड़े और राजेश कापसे का समावेश है. जिलाधीश के आदेश में उल्लेख किया गया था कि संबंधित सातों सदस्यों ने ग्राम पंचायत का संपत्ति कर निर्धारित अवधि में जमा नहीं किया था, जिसके चलते उन्हें ग्राम पंचायत सदस्य पद धारण करने के लिए अयोग्य घोषित किया गया. इस आदेश को सातों सदस्यों ने अपर आयुक्त नागपुर के समक्ष चुनौती दी. उनकी ओर से अधिवक्ता अदिति योगेश पारधी ने पक्ष रखा. सुनवाई के बाद अपर आयुक्त ने जिलाधीश के अयोग्यता आदेश पर स्थगन देते हुए फिलहाल सातों सदस्यों के पद को बहाल रखा है. इस मामले में सदस्यों की ओर से कमलेश सोनवाने और विजय पटले ने सहयोग किया. अपर आयुक्त के आदेश के बाद ग्राम पंचायत की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है.



