गोंदिया. सालेकसा तहसील के दरेकसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत गांव में पिछले सप्ताह सामने आए मलेरिया प्रकोप पर स्वास्थ्य विभाग ने काफी हद तक नियंत्रण पा लिया है. जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. अभिजीत गोल्हार व जिला मलेरिया अधिकारी डा. विनोद चव्हाण ने बताया कि पिछले दो दिनों से क्षेत्र में मलेरिया का कोई नया मरीज सामने नहीं आया है. एहतियात के तौर पर चार विशेष टीमें अब भी गांव में सर्वे, उपचार और रोकथाम संबंधी कार्यों में जुटी हुई हैं.
25 जुलाई को दरेकसा में मलेरिया के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल विशेष अभियान शुरू किया. पिछले चार-पांच दिनों में कुल 55 मलेरिया संक्रमित मरीज मिले, जिनका उपचार किया गया. इसके बाद पूरे क्षेत्र में बुखार सर्वे, रक्त जांच, दवा वितरण और मच्छर नियंत्रण अभियान तेज कर दिया गया. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दरेकसा क्षेत्र घने जंगलों और छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश की सीमा से लगा होने के कारण हर वर्ष बारिश के मौसम में मलेरिया का खतरा बना रहता है. जंगलों में पेड़ों के खोखलों, टूटी शाखाओं और पत्तों में जमा पानी मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बनता है. ऐसे स्थानों को मिट्टी या सीमेंट से भरने तथा जहां संभव न हो वहां लार्वा नष्ट करने के लिए तेल व कीटनाशकों का उपयोग किया जा रहा है. तहसील स्वास्थ्य अधिकारी डा. स्वप्नील आत्राम और दरेकसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डा. पारस गिरी के मार्गदर्शन में बुखार सर्वे, रैपिड टेस्ट किट से जांच, डि-लार्वा छिड़काव, गप्पी मछलियां छोड़ने, स्वास्थ्य शिविर और जनजागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं. आश्रम शालाओं के विद्यार्थियों और प्रवासी मजदूरों की भी नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है. मंगलवार को जिला परिषद सदस्य व जनआरोग्य समिति की अध्यक्ष गीता लिल्हारे की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर ग्राम पंचायतों और जनप्रतिनिधियों को डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए फॉगिंग, डि-लार्वा अभियान और स्वच्छता अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए गए.
अभियान की प्रमुख उपलब्धियां
4488 घरों का सर्वेक्षण
191 घरों में मच्छरों के लार्वा मिले
13,584 पानी के कंटेनरों की जांच
437 कंटेनरों में लार्वा पाए गए
7,267 लोगों के रक्त नमूनों की जांच
55 मलेरिया मरीजों की पुष्टि
पिछले दो दिनों से कोई नया मरीज नहीं मिला
घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, सप्ताह में एक दिन ‘ड्राई डे’ अवश्य मनाएं, बुखार आने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं तथा मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के अभियान में सहयोग करें. स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता बनाए रखना बेहद जरूरी है.
डा. अभिजीत गोल्हार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी



