गोंदिया/बालाघाट. महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय राखी मेले का सोमवार को समापन हुआ। स्थानीय तुरकर भवन, अंबेडकर चौक में 22 से 25 अगस्त तक आयोजित मेले के समापन समारोह में सांसद श्रीमती भारती पारधी शामिल हुईं।
सांसद पारधी ने मेले में स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने समूह की महिलाओं द्वारा तैयार की गई आकर्षक राखियां, मिठाइयां, नारियल से निर्मित कलाकृतियां, हथकरघा उत्पाद तथा बीज बैंक में संरक्षित पारंपरिक बीजों की जानकारी ली। इस अवसर पर सांसद भारती पारधी ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आजीविका मिशन के माध्यम से आयोजित ऐसे मेले महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने के साथ उनकी आय बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने महिलाओं से समूहों के माध्यम से ऋण लेकर स्वरोजगार और व्यवसाय के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता ही वास्तविक महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अपने हुनर और मेहनत के बल पर न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं, बल्कि अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक भी पहुंचा सकती हैं।
स्वरोजगार को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य
राखी मेले का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को उनके उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराना, उत्पादों की बिक्री के माध्यम से आय में वृद्धि करना तथा स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना रहा। मेले में विभिन्न स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया। समापन अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक सुश्री श्वेता मेहतो, जिला प्रबंधक लघु उद्यमिता विकास मुकेश बिसेन, जिला प्रबंधक शशांक तिवारी, दिनेश साहू, विकासखंड प्रबंधक सुश्री स्वाति बिसेन, शैलेन्द्र कायस्थी, तिलकराज सिंह, अम्बेश्वरी, हर्षवर्धन बागरी सहित आजीविका मिशन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित थीं।



