कृषि उत्पन्न बाजार समिती के सभापति निर्वाचन में झमेला

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विधायक विनोद अग्रवाल व अशोक गुप्ता ने मिलाया हाथ
कांग्रेस के नेता अरुण गजभिए ने लगाया खुला आरोप
गोंदिया : स्थानीय कृषि उत्पन्न बाजार समिति मे संचालक मंडल चुनाव के बाद शुक्रवार को सभापति व उपसभापति चुनाव की प्रक्रिया पूर्ण की गई। जिसमें चाबी संगठन के भाउराव उके व कांग्रेस के पप्पु पटले क्रमशः सभापति व उपसभापती निर्वाचित हो गए है। इसके साथ ही इस चुनाव प्रक्रिया को लेकर बड़ा बखेड़ा खड़ा हो गया है। कांग्रेस के नेता अरुण गजभिए ने गंभीर आरोप लगाकर सभापति व उपसभापति चुनाव में विधायक विनोद अग्रवाल व अशोक गुप्ता की मिलीभगत को उजागर किया है। इतना ही नहीं उन्होंने चुनाव निर्णय अधिकारी की कारगुजारियों पर भी सवाल उठाए है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए अरुण गजभिए ने बताया कि सभापति-उपसभापति चुनाव के लिए नामांकन पत्र प्राप्त करने निर्धारित स्थान पर सुबह ११.१५ बजे उपस्थित हुए तो संबंधित चुनाव अधिकारी या उनके अधिनिस्थ कर्मचारी उपस्थित नही थे। जिससे दोपहर १ बजे तक नामांकन पत्र, प्राप्त नहीं होने से चुनाव में खडे रहना संभव नही हो सका है। जबकि कुछ विशेष संचालकों को नामांकन नामांकन पत्र पूर्व में ही चुनाव अधिकारी ने षडयंत्र कर गुप्त तरीके से दे दिया था। ऐसा आरोप भी संचालक अरुण गजभिए ने लगाया है।
इसके पूर्व कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष दिलीपभाउ बन्सोड व प्रदेश सचिव अमर वराडे सहित अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिती में ३ इच्छुक उपसभापती यों क्रमश: २० महीने का कार्यकाल देने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए प्रथम कौन उपसभापति बनाने लॉटरी निकालने का निर्णय लिया गया। लेकिन कांग्रेस कमेटी के जिला उपाध्यक्ष अशोक गुप्ता व राजकुमार पटले ने लॉटरी प्रक्रिया का विरोध कर दोनों ने कहा कि वे पार्टी का निर्णय नही मानते। पप्पु पटले ही उपसभापति बनेगा। गुप्ता ने यह भी कहा था कि मेरे दो संचालक विजय नारायण उके तथा राजकुमार पटले व चाबी संगठन के १० संचालक मिलाकर उपसभापति बना लेता हूँ। इसके बाद कांग्रेस कोर कमेटी के निर्णय की अनदेखी कर अशोक गुप्ता ने उपसभापति का फार्म चाबी संगठन के संचालकों को सुचक व अनुमोदक बनाकर भर लिया था। कृउबास चुनाव के नियमानुसार सभापती पद सेवा सहकारी गट के संचालक को दिया जाता है। तो उपसभापति का पद ग्राम पंचायत गट के संचालक को दिया जाना था। जबकि इन दोनों पदों पर सेवा सहकारी गट के संचालकों को निर्वाचित कराया गया है। इस चुनाव प्रक्रिया से भिन्न अरुण गजभिए ने जिलाधीश व सहकार क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की है। इतना ही नही कृषि उत्पन्न बाजार समिति सभापति-उपसभापति की चुनाव प्रक्रिया में नामांकन पत्र से वंचित रखने वाले सहकार निबंधक व चुनाव निर्णय अधिकारी के खिलाफ हायकोर्ट मे रिट याचिका दाखिल करेंगे।

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