बकाया संपत्ति कर पर 24 प्रश. जुर्माना न लगाया जाए

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मुख्याधिकारी को ज्ञापन सौंपकर की मांग
गोंदिया : संपत्ति कर प्रत्येक कर दाता को आर्थिक वर्ष समाप्ति यानी 31 मार्च तक अदा करना नैतिक जवाबदारी होती है. किंतु बाजार में मंदी या कई आर्थिक मजबूरी की वजह से कई नागरिक भुगतान नहीं कर पाते. ऐसे करदाताओं पर मुख्याधिकारी ने 3 अप्रैल 2023 को एक आदेश जारी कर 24 प्रश. सालाना जुर्माना वसूलने को कहा है. जिसका असर आम आदमी शायद सहन नहीं कर सकता. मूल बकाया संपत्ति कर पर एकमुश्त 24 प्रश. जुर्माना जोड़ कर टैक्स वसूलने का दबाव आम जनता पर डाला गया है. जिससे संपत्तिधारक हलाकान है. लोगों का कहना है कि संपत्ति कर अदा करने में जितना समय विलंब हुआ है, उतने दिन की गणना कर जुर्माना लेना चाहिए. किंतु ऐसा नहीं करते हुए बकाया कुल सपत्ति कर 24 प्रश. जुर्माना जोड़कर नागरिकों पर दबाव डाला जा रहा है. इस की शिकायत संज्ञान में आते ही सिंधी जनरल पंचायत की युवा विंग ने मुख्याधिकारी को ज्ञापन देकर अवगत करवाया. ज्ञापन में कहा गया है कि ऐसा आर्थिक अत्याचार शायद अंगरेजों द्वारा भी नहीं किया गया होगा. अगर इस पर जल्दी से समाधान नहीं किया तो करदाताओं को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा. मुख्याधिकारी ने इस समस्या को जल्द से जल्द हल करने का आश्वासन दिया है. इस अवसर पर अनिल हुंदानी, रिंकू आसवानी, आशीष ठकरानी, विनोद चांदवानी, अविनाश जयसिंघानी उपस्थित थे.

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