जीवित व्यक्ति का न्यायालय में पेश किया मृत्यु प्रमाणपत्र, आरोपियों को 5 वर्ष सश्रम कारावास

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गोंदिया. मुख्य न्यायदंडाधिकारी ने 26 अप्रैल को धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों को 5 वर्ष सश्रम कारावास व एक हजार रु. जुर्माने की सजा सुनाई. आरोपियों का नाम राठी हनुमान नगर, तुमसर निवासी प्रवीण सुभाष गभणे (30) व शास्त्री नगर पाथरी गली, तुमसर निवासी श्रीकांत भैयालाल मोरघरे (44) बताया गया है. प्रबंधक जिला न्यायालय गोंदिया की ओर से मेथीलाल ब्रिजलाल भंडारी (48) ने 2 अक्टूबर 2017 को शहर थाने में शिकायत दर्ज की थी कि 13 जून 2017 को अंतिम निर्णय के दौरान श्रीकांत भैयालाल मोरघरे को 10 हजार रु. जुर्माने की सजा सुनाई गई थी. आरोपी ने प्रबंधक जिला न्यायालय गोंदिया के खिलाफ अपील की और जबकि आरोपी उक्त अपील के लिए अनुपस्थित था. इसी बीच राठी हनुमान नगर, तुमसर निवासी प्रवीण सुभाष गभणे ने आरोपी श्रीकांत भैयालाल मोरघरे का मृत्यु प्रमाण पत्र न्यायालय में पेश किया था. लेकिन न्यायालय में आरोपी को जीवित पेश किया गया. आरोपी ने झूठा मृत्यु प्रमाण पत्र पेश कर न्यायालय को गुमराह कर धोखाधड़ी की. मुख्य न्यायदंडाधिकारी ने आरोपी प्रविण सुभाषण गभणे व श्रीकांत भैयालाल मोरघरे को 5 वर्ष सश्रम कारावास व 1 हजार रु. जुर्माने की सजा सुनाई. मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक विवेक नार्वेकर ने की. सरकार की ओर से न्यायालयीन काम सहायक सरकारी वकील कमलेश दिवेवार ने देखा. पैरवी हवलदार ओमराज जामकाटे, सिपाही किरसान ने की.

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