गोंदिया के प्रभाग क्रं. 11 के 6 बुथों पर पड़े कुल 3901 वोट, मशीन से निकले 3941 वोट

0
216

मशीन में 40 अतिरिक्त वोट डालने से, 32 वोटो से पराजित हुए शकील मन्सुरी
गोंदिया : गोंदिया नगर परिषद चुनाव की मतगणना २१ दिसंबर को संपन्न हुई, जिसमें अलग-अलग प्रभागों में चौंकाने वाले नतीजे प्राप्त हुए। लेकिन सबसे ज्यादा चौकानेवाला नतीजा प्रभाग क्रं. ११ का रहा, जिसमें एक दिन पूर्व संपन्न मतदान में कुल ६ मतदान केन्द्रों पर ३९०१ वोट पड़े थे, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से मतमोजणी के समय मत पेटी से ३९४१ मत निकले, जिससे स्पष्ट है कि, संबंधित अधिकारियों एवं सत्ताधारी पक्ष के उम्मीदवार की मिली भगत से ४० अतिरिक्त मतदान बाद में मतपेटी में डाला गया। यह भी उल्लेखनीय है कि, इस सीट पर हार-जीत का अंतर मात्र ३२ वोटो का रहा, जिससे स्पष्ट है कि, इन्ही अतिरिक्त ४० वोटो ने मतदान का परिणाम बदल दिया और जीतनेवाले उम्मीदवार को हराकर, हारनेवाले उम्मीदवार को जिताया गया।
निवडणुक निर्णय अधिकारी ने ४ में से ३ उम्मीदवारों द्वारा पुर्नमोजणी के निवेदन को किया अमान्य : मतदान
एवं मतमोजणी के आकड़ों में ४० वोटो की बढ़ोत्तरी और हार-जीत के अंतर मात्र ३२ वोट होने की अनियमितता संज्ञान में आते ही, तत्काल कुल ४ उम्मीदवारों में से शकीलभाई मन्सुरी, श्वेता मन्टु महेन्द्र पुरोहित, अहमद मनियार ने संयुक्त रुप से निवडणुक निर्णय अधिकारी को लिखित आक्षेप प्रस्तुत कर, पुनः मतगणना तथा ४० वोट बढ़ाए जाने की सखोल जांच की मांग की। लेकिन गोपनीय दबाव में निवडणुक निर्णय अधिकारी ने सभी आक्षेप खारीज करते हुए ३९४१ की मतगणना को ही अंतिम मानकर परिणाम घोषित किया। बिना किसी जांच ४ में से ३ उम्मीदवारों के आक्षेप को सीधे खारिज किया जाने से स्पष्ट है कि, निवडणुक निर्णय अधिकारी को पहले से ही ४० वोट बढ़ाए जाने की जानकारी थी, जिसके बावजुद उसने अनियमितता होनी दी और जल्दबाजी में बिना जांच परिणाम भी घोषित कर दिया।
मतदान एवं मतगणना के कागजात के अवलोकन से बुथ क्रं. ०६ की मतपेटी में ४० वोट बढ़ाए जाने की
आशंका : मतदान संपन्न होते ही, संबंधित बुथ पर सभी उम्मीदवारों के मतदान प्रतिनिधियों को पेटी में कुल कितने मत पड़े, इस बाबत नमुना वीएम-३ अंतर्गत प्रमाणपत्र दिया जाता है तथा उपविभागीय अधिकारी द्वारा सभी बुथों के मतदान आकड़ों का संकलन कर कुल मतदान के आकड़े जारी किये जाते है। क्रं.११ के बुथ नं.०६ में मतदान अधिकारियों द्वारा कुल ७३३ वोट गिरने का प्रमाणपत्र सभी मतदान प्रतिनिधियों को दिया गया। प्राप्त जानकारीनुसार कुछ प्रतिनिधियों के पास मशीन सील होने के पूर्व ७३३ वोट दर्शाती ईवीएम मशीन की भी फोटो है। लेकिन मतगणना में उक्त मशीन पर ४० वोट बढ़ाकर ७७३ वोट दिखाए गए तथा ७७३ की ही गिनती दर्ज की गई, जो चुनाव अधिकारियों द्वारा विशेष उम्मीदवार को सीधे लाभ पहुँचाने का स्पष्ट मामला है। विरुध्द, तीनों उम्मीदवारों ने नियमानुसार न्यायालय में उक्त मतमोजणी परिणाम को रद्द करने हेतु प्रकरण दाखल करने की तैयारी दिखाई है। न्यायालय में होंगी शिकायत : प्राप्त जानकारीनुसार, सीधे ४० वोट बढ़ाकर चुनाव नतीजे बदले जाने के न्यायालय प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इस संदर्भ में जल्द से जल्द कार्यवाही कर नियमानुसार निर्णय देंगा और दुध का दुध और पानी का पानी होंगा और देश में जो वोट चोरी के माध्यम से अन्य दलों के उम्मीदवारों को निरंतर हराकर लोकतंत्र की हत्या की जा रही है, उस पर कहीं न कहीं रोक लगेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here