गोंदिया. शहर के फुलचूर स्थित किसान चौक परिसर में हुए एम्बुलेंस चालक अनमोल वसंत रंगारी हत्या मामले का पर्दाफाश पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर कर दिया. इस मामले में मृतक का सगा साला ही हत्या का मास्टरमाइंड निकला. स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने मुख्य आरोपी साले सहित तीन कथित सुपारी किलर्स को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के नाम आमगांव तहसील के खुर्सीपार निवासी मृतक का साला नीरज तुलसीकुमार बंसोड (28), मंडला जिले के नैनपुर निवासी निशांत मंगल बंशकार (19), रोहीत उर्फ आयुष नहार बंशकार (19) व राहुल मिश्रा नंदा (32) बताया गया है.
जानकारी के अनुसार, मृतक अनमोल शराब का आदी था और अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था. बहन की परेशानियों से नाराज नीरज ने अपने जीजा को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली. जिस मोटरसाइकिल का इस्तेमाल मृतक करता था, उसके खरीदने में कुछ रकम नीरज ने भी दी थी और वाहन उसके नाम पर था. इसी बात का फायदा उठाते हुए उसने अनमोल को बताया कि उसका एक परिचित बाइक खरीदना चाहता है. घटना वाले दिन तीनों आरोपी बस से गोंदिया आए और अनमोल को फोन कर बाइक दिखाने और साथ में दारू पार्टी करने के लिए बुलाया गया. पहले एक आरोपी को बाइक खरीदार के रूप में उससे मिलवाया गया ताकि उसे किसी तरह का शक न हो. योजना के अनुसार सभी आरोपी किसान चौक-तुमखेड़ा रोड स्थित एक सुनसान खाली प्लॉट में पहुंचे. नीरज दारू लाने के बहाने गया और घर से एक सब्बल भी साथ ले आया, जिसे अंधेरे में छिपाकर रख दिया गया. बाइक के सौदे की बातचीत के बाद शराब पार्टी शुरू हुई. जब अनमोल नशे में पूरी तरह धुत हो गया, तब आरोपियों ने सब्बल से उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार किए. हमले में उसका चेहरा बुरी तरह कुचल गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. इसके बाद आरोपियों ने हत्या को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया. मृतक की बाइक को घटनास्थल से दूर ले जाकर लावारिस हालत में छोड़ दिया गया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके. हालांकि तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर स्थानीय अपराध शाखा टीम ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया. इस मामले चारों आरोपियों गिरफ्तार कर ग्रामीण पुलिस को सौंप दिया गया. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, अपर पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे के निर्देश व एलसीबी के पुलिस निरीक्षक पुरुषोत्तम अहेरकर के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक धीरज राजुरकर, सहायक फौजदार राजू मिश्रा, भुवनलाल देशमुख, हवलदार संजय चव्हाण, दिक्षीतकुमार दमाहे, विठ्ठल ठाकरे, सुबोध बिसेन, इंद्रजित बिसेन, महेश मेहर, सिपाही राकेश इंदुरकर, छगन विठ्ठले, राधेश्याम कांबले, राम खंडारे, साइबर सेल के रोशन येरणे, योगेश रहिले, श्रेयश लांबट ने की.



