पूर्व विधायक मारपीट प्रकरण का फैसला, पार्षद सहित सहकारी को 5-5 वर्ष की सजा, 4 आरोपी निर्दोष

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गोंदिया. जिला मुख्यालय वाली कुड़वा परिसर में स्थित होटल ग्रेंडसिता में पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल के परिवार के साथ मारपीट प्रकरण पर निर्णय देते हुए जिला अपर सत्र न्यायालय के प्रमुख न्यायधीश-1 ए श्रेणी प्रतिनिधि ने पार्षद शिवकुमार शंकरलाल शर्मा व राहुल हेमराज श्रीवास दोनों को क्रमश: 5 वर्ष की सजा व 50 हजार रु. जुर्माने की सजा सुनाई. जबकि इसी प्रकरण में अन्य 4 आरोपियों को निर्दोष रिया किया गया.
स्मरण रहे पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल ने 9 अप्रैल 2016 को कुड़वा स्थित होटल ग्रेंडसिता में कांग्रेस पार्टी की जिला स्तरीय सभा का आयोजन किया था. इस सभा में दिनदहाडे पार्षद शिव शर्मा व राहुल श्रीवास ने पहुंचकर पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल, उनके पुत्र विशाल अग्रवाल व अन्य लोगों के साथ मारपीट कर फरार हो गए थे. इस घटना की शिकायत पर रामनगर पुलिस थाने में शिव शर्मा सहित 6 लोगों के खिलाफ भादवि की धारा 307, 120 (ब), 324, 325, 294, 505, 212 व 34 के तहत मामला दर्ज किया था. इस घटना की रामनगर थाने के तत्कालीन थानेदार ताईतवाले ने जांच शुरू की थी. इसके बाद तत्कालीन पुलिस निरीक्षक नन्नावरे ने संपूर्ण प्रकरण की जांच कर दोषारोपण पत्र न्यायालय के सुपुर्द किया था. इस प्रकरण की गत 5 दिनों से न्यायालय में सुनवाई शुरू थी. पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल ने आरोपियों को अग्रिम जमानत नही मिले. इसके लिए नागपुर हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी. जिससे आरोपी शिव शर्मा को अंतत: जमानत नही मिली. कोरोनाकाल का समय होने से सुप्रीम कोर्ट में भी कोई सुनवाई नही हुई. जिससे शिव शर्मा ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी गिरफ्तारी दी थी.
इतना ही नही पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल ने इस प्रकरण में शासन से मांग कर नक्सल अपराध के विशेषज्ञ एड. पी.के. सत्यनाथन की नियुक्ति की थी. जिससे ने समय-समय पर न्यायालय में उपस्थित हुए. जिला अपर सत्र न्यायालय के प्रथम न्यायधीश प्रतिनिधि ने 25 जून को लंच के बाद दोपहर 4 बजे प्रकरण की सुनवाई शुरू की. इस समय एड. सत्यनाथन ने नागपुर से कांन्फे्ंस कर न्यायधीश प्रतिनिधि से मुखातिब होकर भादवि की धारा 324 पर ध्यान आकर्षित करने का आग्रह किया. वहीं आरोपियों की पैरवी कर रहे एड. प्रकाश तोलानी न्यायधीश की परीक्षा देने के लिए मुंबई गए हुए है. जिससे उनकारी सहकारी अधिवक्ताओं ने न्यायधीश से कम से कम सजा देने की मांग की है.
प्रथम न्यायधीश प्रतिनिधि ने शिव शर्मा व राहुल श्रीवास को क्रमश: 5 वर्ष कैद की सजा व क्रमश: 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई. इसी तरह अनमेश उर्फ राज लक्ष्मीनारायण दुबे, गजेंद्र रामचरण साते, परवेज पटेल परवेज खान व जगजीतसिंग उर्फ बिट‍्टू प्रितमसिंग भाटिया को इस प्रकरण में निर्दोष रिहा कर दिया. इस प्रकरण की सुनवाई के दौरान न्यायालय परिसर में काफी लोग उपस्थित थे.
उल्लेखनीय है कि सजा की सुनवाई होते ही न्यायालय परिसर में उपस्थित पुलिस कर्मचारियों ने शिव शर्मा व राहुल श्रीवास दोनों को अपने कब्जे में ले लिया है. शासकीय मेडिकल कॉलेज में फिटनेस के बाद दोनों को देर रात भंडारा कारागृह के लिए रवाना किया जाएगा.

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