Saturday, July 13, 2024
Google search engine
HomeUncategorizedधड़क सिंचाई कुआं योजना की किश्तें रुकीं

धड़क सिंचाई कुआं योजना की किश्तें रुकीं

किसान लगा रहे कार्यालय के चक्कर
गोंदिया –  धड़क सिंचन कुआं योजना सरकार द्वारा किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई थी. इसके तहत देवरी तहसील के कई किसानों ने ऑनलाइन आवेदन जमा किए. किसानों को उनके खेतों में सिंचाई की सुविधा मिली. लेकिन उन किसानों का काम पूरा हो जाने के बाद भी किसानों को रुकी हुई किश्त नहीं दी गई है. जिससे किसानों को रोजाना कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. जिले की तुलना में देवरी तहसील में संतोषजनक बारिश होती है. अनियमित और खंडित बारिश से उचित सिंचाई सुविधाओं की कमी के कारण खेतों में फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. जिससे उत्पादन में भारी कमी होने से तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित होती है. सरकार की ओर से हर वर्ष की भांति इस वर्ष 2019-20 के लिए 13 हजार सिंचाई कुआं कार्यक्रम लिया गया. किसानों के हित में मनरेगा और धड़क सिंचाई कुआं कार्यक्रम के तहत सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यह दोनों योजनाएं शुरू की गई हैं. इस योजना के तहत कई किसानों को अपने खेतों में सिंचाई की सुविधा मिली है. लेकिन, अभी तक उन किसानों का काम पूरा हो जाने के बावजूद किसानों को बकाया किश्तों के भुगतान के लिए रोजाना कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे है. धड़क सिंचाई कुआं योजना के तहत किसानों से हर साल की तरह ऑनलाइन आवेदन मांगे गए. तहसील के कई किसानों ने अपने खेतों में कुआं खोदने के लिए धड़क सिंचाई कुआं योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन जमा किया था. धड़क सिंचाई कुआं की सुविधा संबंधित किसान को पहले आओ पहले प्राथमिकता के आधार पर ऑनलाइन आवेदन प्राप्त कर लाभान्वित करने की योजना में उल्लेखित है. लेकिन  तहसील के सैकड़ों किसानों ने संबंधित विभाग को कुओं के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा किया. उन किसानों को वर्क ऑर्डर भी मिल गया. काम पूरा हो गया था लेकिन किसानों को इस अभियान का पैसा न मिलने के कारण साहूकारों से कर्ज लेकर काम करने वाले मजदूरों का पैसा किसानों को चुकाना पड़ रहा है.

रवी ठकरानी
प्रधान संपादक
9359328219

Home

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments