गोंदिया. शिक्षक पद का अनभुव न होते हुए भी फर्जी कागजाद के आधार पर पराग पुडके ने मुख्याध्यापक पद की आईडी तैयार कर लाखों रु. की गड़बड़ी करने के आरोप में पुलिस ने और तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. जिसमें दो शिक्षक व एक मुख्याध्यापक शामिल है. उल्लेखनीय है कि पराग पुडके को शिक्षक के तौर पर कोई अनुभव नहीं था. उसने कभी कहीं शिक्षक के तौर पर काम नहीं किया था. इसके बावजूद वह सीधे मुख्याध्यापक के पद पर नियुक्त हो गया. उसने ओमकार मल्टीपर्पस एजुकेशन सोसायटी के तहत यादव नगर में एसकेबी उच्च प्राथमिक विद्यालय मंदिर के नाम से शिक्षक पद के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार किया. फिर्यादी मुन्ना वाघमारे को पता चला कि पुडके सरकारी वेतन लेकर धोखाधड़ी कर रहा है, जिसके बाद उसने कार्रवाई की मांग की थी. इस मामले में शिक्षा विभाग के उपसंचालक उल्हास नारड, भंडारा के शिक्षाधिकारी, अधीक्षक, वेतन निर्धारण अधिकारी और अन्य अधिकारियों ने लाखों रु. लेकर पुडके को शिक्षक और मुख्याध्यापक का पद मंजूर किया. उसने शालार्थ आईडी भी तैयार कर ली. इस मामले में उक्त पुलिस ने पुडके और नरड़ दोनों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. समानांतर जांच करते हुए पुलिस ने यह भी पाया कि तिरोड़ा तहसील के ठानेगांव के मिलिंद मागासवर्गीय शिक्षण संस्था द्वारा संचालित सिद्धार्थ हाईस्कूल एंड ज्युनियर कॉलेज आर्ट एंड साइंस के शिक्षक दिलेशकुमार छबीलाल कटरे (44), रूपाली बिहारीलाल रहांगडाले (40) की नियुक्तियां भी फर्जी थीं. मुख्याध्यापक भाऊराव मधुकर मालधे (45) ने इन दोनों शिक्षकों के कागजाद चेक किए बिना ही उनके वेतन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया. न्यायालय ने तीनों को दो दिन की पुलिस कस्टडी दी. यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अमोल देशमुख, संतोष शिरडोले, प्रलेश कापसे, सुनील राऊत की टीम ने की है.
मुख्याध्यापक सहित दो शिक्षक गिरफ्तार, फर्जी शालर्थ आईडी मामला
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