Monday, April 20, 2026
Google search engine
HomeUncategorizedकिसानों को आधार देने वाला और महाराष्ट्र को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की...

किसानों को आधार देने वाला और महाराष्ट्र को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने वाला बजट : भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय पाठक 

​गोंदिया. किसानों को दो लाख रुपये की कर्जमाफी देकर आधार प्रदान करने वाला, एआई (AI) तकनीक का उपयोग कर खेती को प्रगति के महामार्ग पर ले जाने वाला, पक्की सड़कों के माध्यम से ग्रामीण महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने वाला और मेट्रो जैसी सुविधाओं के माध्यम से स्थायी शहरी विकास को बढ़ावा देने वाला महायुति सरकार का इस वर्ष का बजट महाराष्ट्र को जल्द ही ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाएगा, ऐसा विश्वास भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय पाठक ने व्यक्त किया।
वे आज 18 मार्च को राइस मिलर्स एसोसिएशन के सभागार में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की पत्रकार परिषद में बोल रहे थे। इस अवसर पर मुख्य रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष सीताताई रहांगडाले, जिला महामंत्री पंकज रहांगडाले, सुनील केलनका, नरेंद्र वाजपेयी, सीए दिनेश दादरीवाल, सीए राजेश चतुर, पंस सभापती मुनेश रहांगडाले, जयंत शुक्ला, संजय सिन्हा, मनोज दुबे, छत्रपाल तुरकर, ऋषिकांत साहू, धर्मिष्ठा सेंगर आदि उपस्थित थे। इन्होंने राज्य के बजट का विस्तार से जायजा लेकर उसमें सभी समाज वर्गों के लिए किए गए विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी।
​पाठक ने कहा कि विकसित भारत का सपना 2047 तक साकार करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को महाराष्ट्र का मूल्यवान साथ मिले, इस दृष्टि से इस वर्ष के बजट की योजना बनाई गई है। खेती, उद्योग, सेवा, ऊर्जा, शिक्षा, सिंचाई और बुनियादी सुविधाओं जैसे सभी क्षेत्रों के विकास का मार्ग दिखाने के साथ-साथ इस बजट में आम आदमी को सुशासन और गतिशील प्रशासन का अनुभव कराने के लिए दूरगामी परिणाम वाले निर्णय लिए गए हैं। पिछले वर्ष हुई अतिवृष्टि के कारण संकट में आए किसानों को महायुति सरकार ने दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ कर बड़ा आधार दिया है। 30 सितंबर 2025 तक फसल ऋण बकाया रखने वाले किसानों का दो लाख का कर्ज माफ करने के साथ-साथ नियमित कर्ज चुकाने वाले किसानों को 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन अनुदान देने का निर्णय महायुति सरकार ने लिया है। कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने के लिए 10 से 15 फसलों की एकीकृत मूल्य श्रृंखला, एग्रीस्टैक, महावेध, क्रॉपसॅप, महाडीबीटी आदि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से एकीकृत इकोसिस्टम जैसे निर्णय किसान को गतिशील बाजार से जोड़ने में मदद करने वाले हैं, ऐसा पाठक ने उल्लेख किया।
​पाठक ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री बलिराजा मुफ्त बिजली योजना जारी रहेगी। इस योजना के लिए महायुति सरकार ने लगभग 20 हजार करोड़ का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना 2.0 के माध्यम से 16 हजार मेगावॉट ऊर्जा क्षमता निर्मित की जाएगी, जिससे 100 प्रतिशत कृषि पंपों को दिन में बिजली आपूर्ति होगी। नदी जोड़ परियोजना से स्थायी विकास प्राप्त करने के लिए वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना के लिए 94,968 करोड़ रुपये, दमनगंगा-वैतरणा-गोदावरी नदी जोड़ परियोजना के लिए 13,497 करोड़, नार-पार गिरणा नदी जोड़ परियोजना के लिए 7,465 करोड़ और दमनगंगा-एकदरे-गोदावरी नदी जोड़ परियोजना के लिए 2,213 करोड़ का प्रावधान किया गया है। कोल्हापुर और सांगली जिलों में बाढ़ निवारण के लिए विश्व बैंक की मदद से 2,240 करोड़ का प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। साथ ही कृष्णा घाटी का बाढ़ का पानी भीमा घाटी के पश्चिम महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में मोड़ा जाएगा।
​शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास करने के लिए राज्य में मेट्रो नेटवर्क को 1,200 किमी तक ले जाया जाएगा और 6,000 किमी से अधिक का एक्सप्रेस-वे नेटवर्क तैयार किया जाएगा। मुंबई एयरपोर्ट से नवी मुंबई एयरपोर्ट मेट्रो के लिए 22,862 करोड़ और वडाळा से गेटवे ऑफ इंडिया मेट्रो-11 के लिए 23,487 करोड़ का संपूर्ण भूमिगत प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है। पुणे मेट्रो के दूसरे चरण में खडकवासला-स्वारगेट-हडपसर-खराडी मार्ग को मंजूरी दी गई है। पुणे से शिरूर उन्नत मार्ग (53 किमी) प्रोजेक्ट के लिए 7,514 करोड़ रुपये, तलेगांव-चाकण उन्नत मार्ग (25 किमी) के लिए 6,499 करोड़ रुपये, चाकण-शिक्रापुर मार्ग के छह-लेन निर्माण के लिए 5,232 करोड़ रुपये और शिरूर से छत्रपति संभाजीनगर ग्रीनफील्ड हाईवे (192 किमी) के छह-लेन निर्माण के लिए 14,886 करोड़ का प्रावधान किया गया है। पाठक ने बताया कि महाराष्ट्र अमृतकाल सड़क विकास योजना के तहत 6,272 किमी एक्सप्रेस-वे और 14,919 किमी राज्य व जिला मार्ग तैयार किए जाएंगे। एक हजार से अधिक जनसंख्या वाले गांवों को कंक्रीट सड़कों से जोड़ने के लिए एशियाई बैंक की मदद से 4,500 करोड़ का कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना चरण-3 में 23 हजार किमी के काम किए जाएंगे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना भाग-4 के तहत बस्तियों को बारहमासी सड़कों से जोड़ा जाएगा और 5 हजार से अधिक आबादी वाली सभी बस्तियों को 4,247 किमी के ‘पर्यटन परिरथ’ से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का बुनियादी ढांचा और मजबूत होगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments