गोंदिया. अर्जुनी मोरगांव तहसील के खांबी प्रादेशिक जलापूर्ति योजना के तहत बिडटोला गांव को पानी की आपूर्ति की जाती है. लंबे समय तक टंकी भरने के बाद भी कुछ लोगों को पानी की समस्या होने की शिकायत पर 17 जून को सुबह 7 बजे सुजल समिति के कर्मचारी व सचिव बिडटोला गांव में जांच करने गए तो पाया कि तीन परिवार टिल्लू पंप लगाकर पाइप लाइन से पानी निकाल रहे थे. टिल्लू पंप मालिक पर पांच हजार रु. का जुर्माना लगाया गया और पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई.
प्रादेशिक जलापूर्ति योजना के तहत तहसील के 14 गांवों में पानी की आपूर्ति की जाती है. जबकि उक्त 14 गांवों को उचित जलापूर्ति मिल रही थी, गर्मी के दिनों में कुछ नल धारकों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था, इसकी लगातार शिकायतें मिल रही थीं. इन शिकायतों के समाधान के लिए खांबी प्रादेशिक जलापूर्ति का एक प्रतिनिधिमंडल हर गांव में जाकर नलों की कमी, पानी की बर्बादी, एक परिवार से दो परिवारों तक पानी, बिना अनुमति के पानी का उपयोग, टिल्लू पंप का उपयोग जैसी स्थितियों की जांच कर रहा है. नल के पास गड्ढा खोदकर पानी पंप करना, ऐसा देखा गया कि ग्रामीण कुएं में नल का कनेक्शन चालू करने जैसे कई उपाय करके पानी का दुरुपयोग कर रहे थे. इसलिए खांबी प्रादेशिक जलापूर्ति योजना के तहत शामिल सभी गांवों में जांच शुरू करने के बाद जांच के पहला चरण बिडटोला गांवों में आयोजित किया गया. जब सभी निवासियों की जांच की गई, तो देखा गया कि तीन परिवार पंप की मदद से पानी खींच रहे थे. संस्था के सचिव कालिदास पुस्तोडे ने उन पर पांच हजार रु. का जुर्माना लगाया और पानी की आपूर्ति काट दी. इसलिए अब बिडटोला गांव के सभी नल धारकों को उचित पानी की आपूर्ति हो रही है.
जलापूर्ति मंडल की टिल्लू पंप धारकों पर कार्रवाई
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