स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा
गोंदिया. जिला परिषद गोंदिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी झेनिथचंद्र दोंतुला ने मंगलवार को सालेकसा तहसील के अतिदुर्गम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) दरेकसा का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं सुविधाओं का जायजा लिया।
गोंदिया. जिला परिषद गोंदिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी झेनिथचंद्र दोंतुला ने मंगलवार को सालेकसा तहसील के अतिदुर्गम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) दरेकसा का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र के अंदर और बाहर की स्वच्छता व्यवस्था, ओपीडी के दौरान मरीजों को दी जा रही सुविधाएं, प्रयोगशाला में होने वाली विभिन्न जांचों, गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम के तहत मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप के मरीजों की स्थिति, क्षेत्रीय स्वास्थ्य कर्मियों की गांववार भ्रमण योजना, उपकेंद्रों के निरीक्षण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, संस्थागत प्रसव, दवा भंडार, कीटजनित रोग नियंत्रण, संक्रामक रोगों की रोकथाम, नियमित टीकाकरण, आंगनवाड़ी जांच तथा कुपोषित (एसएएम एवं एमएएम) बच्चों की जानकारी की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे मुख्यालय में नियमित रूप से उपस्थित रहें, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं तथा वर्षा ऋतु के दौरान बाढ़ प्रभावित गांवों की गर्भवती महिलाओं को किसी भी प्रकार की जटिलता से पहले ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन, भ्रमण डायरी का नियमानुसार संधारण तथा स्वास्थ्य केंद्र के सभी अभिलेख अद्यतन रखने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर सालेकसा पंचायत समिति के समूह विकास अधिकारी संजय पुरी, सहायक समूह विकास अधिकारी सोनकुवर, सालेकसा तालुका स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. स्वप्नील आत्राम, पीएचसी दरेकसा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारस गिरी, प्रयोगशाला वैज्ञानिक अधिकारी उन्नति उप्पलवार सहित विपिन खापर्डे, सरिता पारधी, सुंदराबाई भगत, पूजा बोलणे, दीपेश चव्हाण, आकाश बडोले एवं स्वास्थ्य केंद्र के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे मुख्यालय में नियमित रूप से उपस्थित रहें, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं तथा वर्षा ऋतु के दौरान बाढ़ प्रभावित गांवों की गर्भवती महिलाओं को किसी भी प्रकार की जटिलता से पहले ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन, भ्रमण डायरी का नियमानुसार संधारण तथा स्वास्थ्य केंद्र के सभी अभिलेख अद्यतन रखने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर सालेकसा पंचायत समिति के समूह विकास अधिकारी संजय पुरी, सहायक समूह विकास अधिकारी सोनकुवर, सालेकसा तालुका स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. स्वप्नील आत्राम, पीएचसी दरेकसा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारस गिरी, प्रयोगशाला वैज्ञानिक अधिकारी उन्नति उप्पलवार सहित विपिन खापर्डे, सरिता पारधी, सुंदराबाई भगत, पूजा बोलणे, दीपेश चव्हाण, आकाश बडोले एवं स्वास्थ्य केंद्र के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।



