गोंदिया. पिछले कई दिनों से गोंदिया शहर में, विशेष रूप से स्कूलों, महाविद्यालयों तथा निजी कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के बीच नशे की लत बढ़ने संबंधी अनेक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं. जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावक अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध होने के कारण शहर में पढ़ने के लिए भेजते हैं. अनेक अभिभावक अपने बच्चों को किराये के कमरों अथवा छात्रावासों में रखकर उनकी शिक्षा की व्यवस्था करते हैं. बच्चे अकेले रहने के कारण कई स्थानों पर नशे के शिकार हो रहे हैं और इस संबंध में शिकायतों की संख्या पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ रही है. ग्रामीण क्षेत्रों के किसान व मजदूर परिवारों के अभिभावक अपने कठिन परिश्रम से कमाए हुए धन को अपने बच्चों की शिक्षा पर खर्च करते हैं. किंतु इन बच्चों को नशे की लत लगाने का कार्य शहर में सक्रिय ड्रग्स माफिया द्वारा किया जा रहा है, ऐसा सामने आया है.
विशेष रूप से स्कूलों, महाविद्यालयों, निजी कोचिंग संस्थानों तथा छात्रावासों के आसपास इन ड्रग्स माफियाओं का कारोबार बड़े पैमाने पर चलने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं. लेकिन इस संबंध में पुलिस प्रशासन की चुप्पी के कारण ड्रग्स माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और उनका अवैध कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है. इसका सबसे गंभीर प्रभाव उन युवाओं पर पड़ रहा है जो अपने परिवारों के उज्ज्वल भविष्य की आशा हैं. इसलिए इन ड्रग्स माफियाओं पर समय रहते अंकुश लगाना अत्यंत आवश्यक है. इसी संदर्भ में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमर वराडे के नेतृत्व में थानेदार को ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन में मांग की गई कि ड्रग्स माफियाओं के विरुद्ध तत्काल व कड़ी कार्रवाई की जाए. साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि समय रहते इन पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो जिला कांग्रेस कमेटी के माध्यम से तीव्र आंदोलन किया जाएगा. प्रतिनिधि मंडल में पी.जी. कटरे, राजकुमार पुराम, विशाल अग्रवाल, एड. दुष्यंत किरसान, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी, जितेंद्र कटरे, देवेंद्र रहांगडाले, जमील पठान, जहीर अहमद, बाबा मिश्रा, महेश उके, अमन तिगाला, जगदीश चुटे, बलजीतसिंह बग्गा, शैलेश बाहेकर, रंजीत गणवीर, जीवन शरणागत, कुणाल शेंडे आदि का समावेश था.



