गोंदिया. तिरोड़ा तहसील के खैरलांजी, माल्ही, परसवाड़ा, इसापुर वनपरिक्षेत्र में 2024 में जंगल क्षेत्र में लगाए गए पौधारोपण कार्य में अनियमितता बरतने व पेड़ से गिरकर मृत्यु होने वाले व्यक्ति का वन्यजीव के हमले में मृत्यु होने का झूठा मामला प्रस्तुत कर सरकारी धन का गबन करने के आरोप में उप वनसंरक्षक प्रमोद पंचभाई ने तिरोड़ा वनपरिक्षेत्राधिकारी आर.जी. मुन, वनरक्षक शैलेंद्र पारधी, वडेगांव वनक्षेत्र के वनरक्षक अब्दुल शकिल दुर्रानी को निलंबित किया गया. इस कार्रवाई से वन विभाग में हड़कंप मच गया है.
तिरोड़ा वनपरिक्षेत्र के खैरलांजी पौधा समूह क्र. 559/2,560/2 व 565/1 झाड़ी वन क्षेत्र 13.00 हेक्टेयर, खैरलांजी-2 पौधा वन स्थल समूह क्र. 630 व 637 झाड़ी वन क्षेत्र 7.00 हेक्टर, माल्ही पौधारोपण क्षेत्र कक्ष 884, झाड़ी वन समूह क्र. 270 व 271 क्षेत्रफल 10.00 हेक्टेयर, परसवाड़ा भाग 1 पौधारोपण कक्ष क्र. 899 झाड़ी वन समूह क्र. 759, 792, 793, व 789 क्षेत्रफल 14.00 हेक्टेयर, ईसापुर कक्ष क्र. 899 झाड़ी वन समूह क्र. 871 आरक्षित वन समूह क्र. 9 व 68, 89 क्षेत्र 10.00 हेक्टेयर में 2024 के प्रथम मानसून सत्र में किए गए पौधरोपण कार्य में अनियमितताएं पाई गई. सोनेगांव के गोविंदा गोपी भगत की पेड़ से गिरकर मौत हो गई, लेकिन जंगली सूअर के हमले में उसकी मौत दिखाकर झूठा मामला बनाया गया. उप वनसंरक्षक प्रमोद पंचभाई ने बताया कि सरकारी धन के गबन के कारण उन्हें सरकारी सेवा से निलंबित कर दिया गया है.
तिरोड़ा में वनपरिक्षेत्राधिकारी सहित दो वनरक्षक निलंबित
RELATED ARTICLES






