गोंदिया. गोंदिया जिले की जनता से किये विकास के वादे को पुर्ण करने के विश्वास के साथ सन 2019 में भाजपा में प्रवेश किया था. मेरे जैसे जनसामान्य से जुड़े जनाधार वाले नेता को पूर्ण सहयोग देने व गोंदिया विधानसभा में कमल खिलाने के उदे्दश्य से भारतीय जनता पार्टी में प्रवेश कराया गया था. लेकिन यह खेदजनक है कि, भारतीय जनता पार्टी में मेरे प्रवेश के पश्चात पक्ष के बागी नेता को पार्टी के ही स्थानीक नेताओं ने भारी सहकार्य किया. जिसके परिणाम स्वरूप बागी नेता ने 2019 चुनाव में गोंदिया विधानसभा में पहली बार कमल खिलाने के भाजपा के सपने को तोड़ दिया और मुझे हार का सामना करना पड़ा. ये दुर्भाग्य ही है कि, महाराष्ट्र में स्थापित भाजपा नेतृत्व की सरकार पिछले 2 वर्षों से पुर्णतः ताकत के साथ बागी विधायक के साथ खडी नजर आ रही है. बावजूद इसके पूरे पांच वर्षों तक मैंने क्षेत्र में पक्ष को मजबुत बनाने के लिए ईमानदारी से कडी की मेहनत की व सारे स्थानिक चुनावों में पक्ष के लोगों को चुनाकर लाने में अग्रणी भुमिका निभाई. पक्ष में मैंने हमेशा मेरे प्रती सहयोग और विश्वास की कमी महसुस की. हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों के बाद भी पार्टी की नीतियों में कोई बदलाव नजर नहीं आया व बागी नेता को भारतीय जनता पार्टी द्वारा उपकृत करने का सिलसिला अब तक जारी है. जबकी अपनी व सहयोगीयों की मेहनत से मैंने गोंदिया-भंडारा संसदीय क्षेत्र में पराभव के परिणाम के बावजूद गोंदिया विधानसभा क्षेत्र में पक्ष को 35500 मतों की बढ़त दिलाने का उल्लेखनीय कार्य किया. पार्टी नेतृत्व की इस भुमिका से अत्यंत व्यथित होकर मैंने पक्ष से अलग होने का निर्णय लिया है. पिछले 5 वर्षों में भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुझे जो स्नेह और सम्मान मिला है. उसके लिये मैं सभी नेताओं को धन्यवाद देना चाहता हूँ. व्यथित मन से पक्ष की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हू और कांग्रेस में घर वापसी कर रहा हु. ऐसा प्रतिपादन पूर्व विधायक गोपालदास अग्रवाल ने प्रताप लॉन में आयोजित पत्रपरिषद में किया. इस अवसर पर विधायक सहेषराम कोरोटे, कांग्रेस जिला अध्यक्ष दिलीप बंसोड, अमर वराडे, बाबा कटरे, विशाल अग्रवाल, पी.जी. कटरे आदि उपस्थित थे.



