प्रशासन की तत्परता से रुका बाल विवाह, गोरेगांव तहसील के पुरगांव की घटना

0
187

गोंदिया. गोरेगांव तहसील के पुरगांव (हरिजन टोली) में होने वाले एक बाल विवाह को प्रशासन की तत्परता से शादी मंडप में ही सफलतापूर्वक रोका गया. जैसे ही पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि बाल विवाह हो रहा है, तुरंत कार्रवाई की गई. यह कार्रवाई 25 दिसंबर को दोपहर 12 बाजे की गई.
जिलाधीश प्रजीत नायर, पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे और जिला महिला व बाल विकास अधिकारी रेशमा आर. मोरे के आदेश और मार्गदर्शन में जिला बाल सुरक्षा कक्ष, इंडियन सोशल वेलफेअर सोसायटी गोंदिया, दामिनी दल, चाइल्ड हेल्पलाइन व ग्रामीण पुलिस की एक संयुक्त टीम बनाई गई. मिली जानकारी के आधार पर, संबंधित लड़के और लड़की के जन्म प्रमाण पत्र ग्राम सेवकों से प्राप्त किए गए और उनकी जांच की गई. इसके बाद, जब यह साफ हो गया कि वर 18 साल, 2 महीने और 15 दिन का है और बालविवाह कानून 2006 के अनुसार शादी के लिए जरूरी उम्र पूरी नहीं की है, तो टीम ने कार्रवाई करते हुए वर,वधू, उनके माता-पिता और रिश्तेदारों को हिरासत में लिया. सभी को समझाया गया कि बाल विवाह कानून के तहत एक जुर्म है और इसके सामाजिक और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर हैं. इसके बाद, उनके माता-पिता और रिश्तेदारों से सहमति पत्र लिखवाया गया कि वे तब तक शादी नहीं करेंगे जब तक लड़की 18 साल की और लड़का 21 साल का नहीं हो जाता. यह कार्रवाई जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजानन गोबाडे के नेतृत्व में की गई. जिसमें इंडियन सोशल वेल्फेअर सोसायटी के जिला समन्वयक ज्ञानेश्वर पटले, धर्मेंद्र भेलावे, अजय खोब्रागडे, अमित बेलेकर, पुजा अनकर, दामिनी दल के प्रशांत बंसोड, वैशाली भांडारकर, सुवर्णा मडावी, सोनाली टिके व ग्रामीण थाने के भागवत दसरिया व राजू नागदेवे शामिल थे.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here