बैंकों को निर्धारित समय से पहले फसल कर्ज वितरण का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
गोंदिया. एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार किसानों को समृद्ध, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीयकृत बैंकों से समय पर कर्ज न मिलने के कारण किसानों को अपनी फसल काटने में कठिनाई हो रही है. यह देश की पहली सरकार है जिसने किसानों के हित के लिए सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की. लेकिन दुर्भाग्य से आज भी हमारी खाद्य व्यवस्था अपनी अकुशलता के कारण सीमित और कमज़ोर है. 4 अगस्त को विधायक विनोद अग्रवाल की अध्यक्षता में पंचायत समिति गोंदिया में सहकारिता, पणन व वस्त्रोद्योग विभाग के माध्यम से किसानों को फसल कर्ज वितरण की समीक्षा के लिए एक बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि राष्ट्रीयकृत बैंकों को फसल कर्ज वितरण के लिए दिए गए लक्ष्य को पूरा करने में बैंकों ने स्पष्ट रूप से लापरवाही बरती है. इस मुद्दे पर विधायक विनोद अग्रवाल ने गोंदिया तहसील की सहकारी समितियों, ग्रामीण बैंकों और राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारियों से चर्चा की और उनके लक्ष्यों की जानकारी ली.

यह पाया गया कि ग्रामीण बैंकों को छोड़कर, अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा दिए गए लक्ष्य का केवल 10% ही कर्ज किसानों को वितरित किया गया है. इस पर विधायक विनोद अग्रवाल ने अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और निर्धारित समय से पहले लक्ष्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए. इसके साथ ही, विधायक विनोद अग्रवाल ने कहा कि ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि सेवा सहकारी समितियों के जो शेयर बैंक में रखे जाते थे, वे अब समितियों में ही रखे जाएं. जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष और पदाधिकारियों से चर्चा की गई है और वे जल्द ही होने वाली पहली आमसभा में इस प्रस्ताव को मंजूरी देंगे. समिति और बैंक के रिकॉर्ड में आने वाली समस्याओं को दूर करने के निर्देश भी बैंक को दिए गए हैं और जीडीसीसी बैंक इस संबंध में सकारात्मक कदम उठाएगा. साथ ही, नए सदस्यों के प्रस्तावों को मंजूरी देने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए. विधायक विनोद अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस समीक्षा बैठक में पंचायत समिति अध्यक्ष मुनेश राहंगडाले, सहकारी संस्थाओं के सहायक रजिस्ट्रार श्री रोकड़े, पंस खंड विकास अधिकारी श्री पिंगले, एपीएमसी संचालक श्री ठाकुर, पंचायत समिति सदस्य श्री शंकर टेंभरे, ववीर इनायत आदि उपस्थित थे.



