बकाया जल कर के चलते 13 गांवों की जलापूर्ति ठप

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गोंदिया : जिस गांव की पानी पट्टी की राशि का 80 प्रतिशत भुगतान यदि नहीं किया गया तो उन गांवों की जलापूर्ति बंद कर दी जाएगी। इस तरह की सूचना वरिष्ठ स्तर से दिए जाने के बावजूद आमगांव तथा सालेकसा तहसील के अनेक गांवों द्वारा टैक्स की राशि का भुगतान नहीं किया गया अथवा कम किया गया। ऐसे जिले के 13 गांवों की जलापूर्ति 18 मार्च से बंद कर दी गई है। जिन गांवों की जलापूर्ति बंद की गई है उनमें 80 प्रतिशत से कम टैक्स वसूलने वाले आमगांव तहसील के गांवों में सुपलीपार, कालीमाटी, किकरीपार, कातुर्ली, मोहगांव, बंजारीटोला, ननसरी, फुक्कीमेटा, धामनगांव एवं नंगपुरा तथा सालेकसा तहसील के साकरीटोला, कारूटोला तथा हेटी ग्राम का समावेश है। जिला परिषद ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद पानी पट्टी का टैक्स नहीं भरने के कारण इन गांवों की जलापूर्ति बंद कर दी गई है। जो टैक्स भरने के बाद ही शुरू हो पाएगी।
उल्लेखनीय है कि बनगांव प्रादेशिक ग्रामीण जलापूर्ति योजना से आमगांव तथा सालेकसा तहसील के 48 गांवों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाती है। यह योजना वर्ष 2008 से शुरू की गई। लेकिन योजना का संचालन करने वाले गोंदिया जिला परिषद के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग द्वारा योजना से लाभान्वित होने वाले गांवों की ग्राम पंचायतों को तथा दोनों तहसीलों के गट विकास अधिकारियों को बार-बार पानी पट्टी समय पर वसूल कर विभाग के पास जमा करवाने की सूचना दिए जाने के बावजूद अनेक ग्राम पंचायते इसमें पिछड़ गई है।
संदीप पवार, शाखा अभियंता, जिप ग्रामीण जलापूर्ति उपविभाग के मुताबिक जलापूर्ति योजना को चलाने के लिए ग्राम पंचायतों द्वारा समय पर जल कर की राशि भरनी आवश्यक है, क्योंकि योजना को चलाने के लिए बिजली बिल, जल शुद्धिकरण केंद्र के लिए लगने वाले रसायन आदि का खर्च कहां से आएगा। इसीलिए यह निर्णय लिया गया है कि जिन गांवों की जल कर की वसूली 80 प्रतिशत से कम है। उन गांवों की जलापूर्ति बंद कर दी जाए। इस स्थिति से बचने के लिए ग्राम पंचायतों को समय पर जल कर की वसूली कर टैक्स की राशि भरनी चाहिए।

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