गोंदिया. पानी और शिकार की खोज में निकले बाघ की कुंए के पानी में डूबने से मौत हो गई. यह घटना रविवार, 12 अप्रैल को सुबह 10 बजे प्रकाश में आई. यह घटना नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प अंतर्गत गोंदिया जिले की तिरोड़ा तहसील अंतर्गत आनेवाले चोरखमारा परिसर के सर्रा माल्ही में घटित हुई. घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पंचनामा किया. शव विच्छेदन व जांच पूरी होने के पश्चात रविवार को ही बाघ का अंतिम संस्कार किया गया. बाघ की उम्र 4 से 5 वर्ष बताई जा रही है.
उल्लेखनीय है कि ग्रीष्मकाल का मौसम शुरु होने से पानी व शिकार की तलाश में वन्यजीव गांवों की ओर रुख करते हैं. लेकिन गांवों में स्थित बिना मुंढेर के कुओं में वे गिर जाते हैं. इस तरह की घटनाएं जिले में कई बार घटित भी हो चुकी है. ऐसी एक घटना रविवार, 12 अप्रैल को तिरोड़ा तहसील के ग्राम सर्रा माल्ही में घटित हुई. गोंदिया के नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार तिरोड़ा तहसील के वड़ेगांव वन क्षेत्र अंतर्गत माल्ही बीट में आनेवाले कोडेलोहारा निवासी रुपचंद इसान कावड़े के खेत जमीन में स्थित बिना मुंढेर के कुंए में शिकार अथवा पानी की तलाश में 4 से 5 वर्षीय बाघ गिर गया. जिससे कुंए के पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई. बाघ की मौत होने की जानकारी मिलते ही नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प के उपसंचालक प्रीतमसिंह कोड़ापे, तिरोड़ा के सहायक वन संरक्षक विजय धांडे, नवेगांव-नागझिरा के सहायक वन संरक्षक मनीषा चव्हाण, तिरोड़ा के वन क्षेत्र अधिकारी रवि कमल भगत, उमरझरी वन क्षेत्र अधिकारी टेंभरे के नेतृत्व में नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प की आरआरटी टीम (बचाव पथक) व भंडारा वन विभाग की आरआरटी टीम तत्काल मौके पर पहुंची. टीम के मौके पर पहुंचने के बाद बाघ की मृत्यु होने की पुष्टि हुई. गोंदिया के जिलाधीश डा. मंगेश गोंदावले ने भी घटना स्थल का जायजा लिया.
बिना मुंढेर के कुंए में गिरने से बाघ मौत, तिरोड़ा तहसील के माल्ही की घटना
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