गोंदिया. अधिकमास निमित्त गोंदिया शहर के श्री अग्रसेन भवन में आयोजित संगीतमय सप्त दिवसीय श्रीमद्भ भागवत कथा का आयोजन आज 4 अगस्त से प्रारंभ किया गया है।
कथा के पहले दिन कथा व्यास प. डॉ. अंशुमाली पाण्डेय द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना के साथ भागवत कथा का शुभारंभ किया गया।
कथा वाचक पं. डॉ. अंशुमाली पाण्डेय ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य की सभी इच्छाओं को पूरा करती है। यह कल्पवृक्ष के समान है। भागवत कथा ही साक्षात कृष्ण है और जो कृष्ण है, वही साक्षात भागवत है। भागवत कथा भक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है।
कथा व्यास ने कहा, भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है, जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है। कथा में शरीर की नश्वरता और क्षणभंगुरता पर प्रकाश डालते हुए कथा वाचक पं. श्री पाण्डेय ने कहा कि हमें सचेत रहना चाहिए। जन्म और मरण तो इस शरीर का होता है, पर इसमें जो चैतन्य है, जो शूक्ष्म शरीर है वो तो न जन्मता है और न मरता है।
कथा व्यास ने कहा, संसार के सारे सम्बन्ध माने हुए है और स्वार्थप्रद है। पर परमात्मा से हमारा सम्बन्ध नित्य है। आज की कथा में भागवत के साथ साथ ही वेदांत पर हुए प्रवचन को सभी भक्तजनों ने सराहा।



