गोंदिया. चुनावी दौर में महायुति के नेताओं ने बड़े-बड़े वादे करके सीटें हथिया लीं, लेकिन अब वह अपने वादे भूल गए है. परिणामस्वरूप, आज किसान, खेतिहर मजदूर और आम नागरिक कई मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. किसानों की समस्याओं का समाधान अभी तक नहीं हुआ है. इसी तरह सड़क अर्जुनी तहसील में कई मुद्दे लंबित हैं. किए गए वादों को पूरा करने की मांग को लेकर 11 अगस्त को तहसील कांग्रेस पार्टी की ओर से बैलबंडी मोर्चा निकाला गया. साथ ही, तहसीलदार इंद्रायणी गोमासे के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांगों का ज्ञापन भेजा गया.
सड़क अर्जुनी तहसील में लंबित मुद्दों के समाधान के लिए 11 अगस्त को कांग्रेस पार्टी की ओर से बैलबंड़ी मोर्चा निकाला गया. इस दौरान, मोर्चा तहसील कार्यालय परिसर में एक सभा में तब्दील हो गया और तहसीलदार से लंबित मांगों पर चर्चा के बाद मांगों का ज्ञापन सौंपा गया. इसमें, सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में वन भूमि के संबंध में एक निर्णय दिया है. राजस्व और वन विभाग ने उस निर्णय पर अमल शुरू कर दिया है. इसे तत्काल रोका जाए, ग्रीष्मकालीन धान फसल खरीदी का लक्ष्य बढ़ाया जाए तथा सरकारी समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जाए. राज्य सरकार को रमाई घरकुल योजना, शबरी यशवंतराव चव्हाण मुक्त वसाहत, गरीबों और विभिन्न श्रेणी के नागरिकों के लिए मोदी आवास योजना जारी रखनी चाहिए, रोजगार गारंटी योजना के काम का भुगतान समय पर किया जाए, धान उत्पादक किसानों को तुरंत बोनस दिया जाए, स्मार्ट मीटर लगाना बंद करना चाहिए, कृषि पंपों को 16 घंटे बिजली की आपूर्ति की जाए, बैलगाड़ी धारकों को उनके निपटान के अधिकार के अनुसार रेत ढोने की अनुमति दी जाए, 11वीं कक्षा के छात्रों के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया बंद करनी चाहिए, आदि मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया. इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिलीप बंसोड, पूर्व जिप सदस्य तथा सरपंच गंगाधर परशुरामकर, पंस सदस्य डा. रुखीराम वाढई, उपसरपंच निशांत राऊत, पुष्पा खोटेले, मीरा झोडवने, किरण हटवार, नीना राऊत, वंदना थोटे, सुधा राऊत, वीरू गौर, एफ.आर.टी. शहा, सुधाकर कुर्वे, संतोष लाडे, शिवम चांदेवार, लेखलाल टेकाम, हेमू वालदे, अशोक संयम, नागेश पटने, रमेश भोयर, कौसल्या सोनुले, मोरेश्वर राजगिरे, मंगेश गहाणे सहित शेकड़ों नागरिक उपस्थित थे.
लंबित मांगों को लेकर कांग्रेस का बैलबंड़ी मोर्चा
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