Thursday, April 30, 2026
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विधायक विनोद अग्रवाल का जन सेवा शिविर संपन्न, एक छत, हजारों समाधान, अनगिनत मुस्कानें” ऐसा शिविर न पहले देखा, न सुना

महाराष्ट्र में पहला कैंप जिसमें बिना एक रुपए की लागत से एक छत के नीचे इतनी सारी योजनाओं का लगभग 7 हजार नागरिकों को तत्काल मिला लाभ
गोंदिया. एक जनप्रतिनिधि का असली चेहरा तब सामने आता है जब वो जनहित में न सिर्फ वादे करता है, बल्कि उन्हें ज़मीनी स्तर पर उतार कर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। गोंदिया विधानसभा के विधायक विनोद अग्रवाल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जन सेवा उनके लिए एक मिशन है, महज़ एक राजनीतिक औपचारिकता नहीं।
छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व अभियान के अंतर्गत 9 से 11 जून 2025 तक ग्रीनलैंड लॉन, रिंग रोड, गोंदिया में तीन दिवसीय विशाल जन सेवा शिविर का आयोजन हुआ, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक पहल बन गया। इस शिविर में 7000 से अधिक नागरिकों ने भाग लेकर केंद्र और राज्य सरकार की 25 से अधिक योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त किया।

प्रमुख योजनाएं जिनका लाभ शिविर में दिया गया
संजय गांधी व श्रावण बाल योजना 1068, राष्ट्रीय कुटुंब सहायता योजना 45, राशन कार्ड वाढीव इष्टांक PHH 2500, सावित्रीबाई फुले बाल संगोपन योजना 208, सलोखा योजना 5, लक्ष्मी मुक्ति योजना 3, जात प्रमाणपत्र 53, उत्पन्न दाखले 837, वाटनी पत्र 102, सात बारा वाटप 306, राशन कार्ड दुरुस्ती 777, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि 41, कलम 155 बाबत दुरुस्ती 221, इतर दाखिले 163, शेतकरी अपघात सुरक्षा योजना, सूक्ष्म सिंचन, कृषि यांत्रिकीकरण, फलबाग लागवड, इनकम सर्टिफिकेट 949, रहवासी प्रमाणपत्र 3, उम्र और नागरिकता प्रमाणपत्र 660, सीनियर सीटीजन 10, अल्पभुधारक 1, NCL 359, जाती प्रमाणपत्र 20, EWS राज्य 43,  EWS केंद्र 25, प्रूफ ऑफ इनकम 629, 30 % महिला आरक्षण 7, डोमिसाइल सहित कई योजनाओं का सीधा लाभ मौके पर ही दिया गया।

सुनियोजित व्यवस्था, अनुकरणीय प्रबंधन, एक शिविर, अनेक लाभ
इस शिविर की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यह केवल एक सूचना केंद्र नहीं था, बल्कि “कार्यवाही केंद्र” था, जहां योजनाओं पर तुरंत अमल हुआ। शिविर में लाभ प्राप्त करने वालों की आंखों में उम्मीद और विश्वास की चमक साफ झलक रही थी। इतने बड़े आयोजन में भी एक भी अव्यवस्था नहीं देखी गई। शिविर स्थल पर नागरिकों के लिए चाय, नाश्ता, पीने का साफ ठंडा पानी, योजनाओ के फॉर्म भरने के लिए लगने वाले सभी कागजों की नि:शुल्क ज़ेरॉक्स सुविधा, प्राथमिक उपचार हेतु मेडिकल टीम की व्यवस्था, अपनी बारी का इंतजार करते लोगो के बैठने हेतु कुलर युक्त टेंट की व्यवस्था, कर्मचारियों और कम्प्यूटर पर काम करनेवालों के लिए एसी हॉल की व्यवस्था की गई थी। इस शिविर ने यह प्रमाणित किया कि जब आयोजनकर्ता की नीयत साफ हो और मकसद जनसेवा हो, तो भीड़ भी व्यवस्था का हिस्सा बन जाती है। उल्लेखनीय है कि सेतु केंद्र की ऑनलाइन प्रक्रिया में लगने वाला सारा शुल्क विधायक ने स्वयं वहन किया, ताकि किसी भी नागरिक पर आर्थिक भार न आए।

प्रशासन और जनता, दोनों की सराहना
शिविर में जिलाधिकारी प्रजीत नायर, उपविभागीय अधिकारी खंडाईत सहित राजस्व विभाग के कई अधिकारी स्वयं उपस्थित रहे। उन्होंने न सिर्फ शिविर का निरीक्षण किया, बल्कि इस भव्य आयोजन की खुले मन से प्रशंसा की। अधिकारियों ने माना कि महाराष्ट्र में यह पहला ऐसा जनसेवा शिविर है, जिसमें एक ही छत के नीचे, एक भी पैसा लिए बिना, सीधे लाभ का वितरण इतने संगठित और प्रभावी ढंग से हुआ।

जनता की जुबानी
शिविर में उपस्थित बुजुर्ग महिला रेखाबाई कहती हैं, “पहले मै दूसरे कई कैंप में गई थी, नाम लिखवाया, कागज जमा किया लेकिन कुछ नहीं मिला। इस बार विधायक जी के कहने पर आई और एक ही दिन में सर्टिफिकेट भी बन गया और फॉर्म भी मंजूर हो गया। ये मेरे लिए चमत्कार है!”

एक किसान सुरेश मेश्राम बोले,
“इस योजना के लिए पहले 3 महीने तहसील के चक्कर काटे। यहां 3 घंटे में पूरा काम हो गया। जनता के आमदार को धन्यवाद!”

निष्कर्ष: जन सेवा का नया मॉडल
यह शिविर केवल योजनाओं का वितरण नहीं था, यह एक सोच थी – “सत्ता नहीं, सेवा” की।
विधायक विनोद अग्रवाल ने यह साबित कर दिया कि जब इच्छाशक्ति हो, तो प्रशासनिक मशीनरी भी आम आदमी के लिए सरल और सुलभ बनाई जा सकती है। यह शिविर न केवल गोंदिया के लिए, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए एक मॉडल है, ऐसा शिविर, ऐसा प्रबंधन और ऐसा परिणाम पहले कभी नहीं देखा गया।

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