शहर में वैकल्पिक ठोस कचरा प्रबंधन, सरकारी अस्पतालों में सोनोग्राफी की व्यवस्था और जलजीवन
गोंदिया. पालकमंत्री धर्मराव बाबा अत्राम की अध्यक्षता में जिला वार्षिक योजना की बैठक में विधायक विनोद अग्रवाल ने जनता की समस्याओं के बारे में बताया कि जलजीवन मिशन के तहत पाइपलाइन कार्य के लिए सड़कें तोड़ी गई थीं और उन सड़कों की मरम्मत नहीं करायी गयी. उन सड़कों की हालत बहुत दयनीय हो गयी है. उन सड़कों की तुरंत मरम्मत की जानी चाहिए. साथ ही जल जीवन मिशन योजना से पहले सरकार ने राष्ट्रीय पेयजल योजना, मुख्यमंत्री पेयजल योजना जैसी कई योजनाएं शुरू की थीं, लेकिन वर्तमान में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है. जल जीवन मिशन योजना के लिए उक्त योजना एवं जल स्त्रोत के माध्यम से किसी भी स्थान पर योजना के अभाव में इस परियोजना का कार्य अधूरा है, जिससे नागरिकों में आक्रोश है तथा संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण जनता नाराज है. प्रतिनिधियों पर आरोप लगाया जा रहा है यह बात उन्होंने जिला वार्षिक योजना की बैठक में कही. इसके जवाब में माननीय पालकमंत्री ने बंद पड़े प्रोजेक्ट को तुरंत शुरू कराना चाहिए और ठेकेदारों को तुरंत काम पूरा करने का निर्देश देना चाहिए और माननीय विधायक के साथ बैठक कर समस्या का समाधान करना चाहिए ऐसा कहा.
क्षेत्र में कई स्थानों पर स्कूलों, निजी स्थानों, भूखंडों, घरों के सामने ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं, उन्हें हटाने की जरूरत है, क्योंकि खतरे की संभावना से कभी भी इनकार नहीं किया जा सकता, पिछले कुछ दिनों में दासगांव में एक बच्चे की मौत भी हो चुकी है और हाल ही में दासगांव में २ बच्चों की मौत हुई साथ ही विधायक विनोद अग्रवाल ने कहा कि मांडोदेवी मंदिर को ‘ए’ दर्जा देने और विधानसभा क्षेत्र में गढ़ और पुरातत्व के लिए दी जाने वाली राशि नागरा को देने पर भी चर्चा की. पर्यटन को विकसित किया जाएगा. बैठक में इस योजना पर चर्चा हुई. इसके जवाब में माननीय पालकमंत्री ने बैठकर इस पर चर्चा करने का निर्देश दिया.
गोंदिया शहर में पिछले 100 वर्षों से कोई ठोस अपशिष्ट प्रणाली नहीं है, इसलिए एक बड़ी समस्या है और गोरेगांव में डंप है और कोई उपयुक्त जगह नहीं है, इसलिए अन्य स्थानों पर जगह उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव बनाए गए, प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई लेकिन नागरिकों के विरोध के कारण यह मसला सुलझ नहीं सका है. मुख्य रूप से इस बात की उचित भूमिका निभायी जानी चाहिए कि यहाँ कोई सुव्यवस्थित अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली नहीं है। अक्सर साइट को मंजूरी मिल जाती है लेकिन स्थानीय लोगों का विरोध होता है। यह बात विधायक विनोद अग्रवाल ने जिला वार्षिक योजना की बैठक में कही जिसके जवाब में माननीय पालक मंत्री ने निर्देश दिया कि बैठक बुलाकर सभी आमंत्रित सदस्यों की उपस्थिति में चर्चा की जाये. स्वास्थ्य के संबंध में श्री विनोद अग्रवाल ने जिला वार्षिक योजना की बैठक में सोनोग्राफी की समस्या के बारे में बात की और कहा कि सोनोग्राफी की लागत कम दर पर निर्धारित की जानी चाहिए और डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण कई गर्भवती महिलाओं को परेशानी हो रही है सोनोग्राफी के लिए समय पर डॉक्टर उपलब्ध कराना चाहिए ऐसी मांग की.
विधायक विनोद अग्रवाल ने जिला वार्षिक योजना (डीपीडीसी) में जनहित के उठाए कई मुद्दे
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