गोंदिया. आपातकालीन स्थितियों में तेजी से चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए 1 मार्च 2014 से गोंदिया जिले के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू की गई ‘108’ आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा से अब तक 1 लाख 99 हजार 396 मरीजों को लाभ हुआ, ऐसी जानकारी जिला शल्य चिकित्सा डा. पुरुषोत्तम पटले ने दी है.
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य अभियान व स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर, जिले में 1 मार्च 2014 से ‘108’ इमरजेंसी एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है और दिसंबर 2025 तक 1 लाख 99 हजार 396 मरीजों को इसका फायदा मिला है. पूरी तरह से मुफ्त दी गई सेवा की वजह से, दुर्घटना के शिकार लोगों, प्रसुति में फंसी महिलाओं, विषबाधा से पीड़ित और दूसरे नागरिकों समेत सभी तरह की मेडिकल मदद समय पर पहुंच पाई है, जिससे कई लोगों को नई जिंदगी मिली है. अगर आप 108 नंबर पर कॉल करते हैं, तो मरीज की सेवा के लिए लेटेस्ट मेडिकल इक्विपमेंट से लैस एम्बुलेंस मौजूद रहती है. एम्बुलेंस में लगी मशीनरी की मदद से गोल्डन आवर्स में मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने से पहले जरूरी इलाज मिल जाता है. इससे मरीज़ों को मौके से अस्पताल तक सेहतमंद पहुंचाया जा रहा है. जिला व्यवस्थापक मनोज पारधी ने बताया कि कॉल आने पर ‘GPRS’ यंत्रणा की वजह से एम्बुलेंस संबंधित डाक्टर को इन्फॉर्म करके घटनास्थल पर पहुंचाती है. सड़क दुर्घटना हो या कोई और दुर्घटना, कोई आग में जल जाए, अचानक हार्ट अटैक आ जाए या किसी महिला को प्रसूति पेन हो जाए, तो कई लोगों के मुंह से यही निकलता है कि ‘108’ डायल करो. आम तौर पर इमरजेंसी में बहुत से लोग ‘डायल 108’ एम्बुलेंस सेवा को याद करते हैं और दिसंबर 2025 तक जिले में 1 लाख 99 हजार 396 जरूरतमंद लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की इमरजेंसी एम्बुलेंस सेवा का फायदा उठाया है.
108 एम्बुलेंस 1,99,396 मरीजों के लिए बनी जीवनदायिनी
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