गोंदिया. कृषि आदानों की खरीद, बिक्री, भंडारण और लिंकिंग में अनियमितता के संबंध में 3 अगस्त को जिले के 14 कृषि केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई. इस दौरान 2 कृषि केंद्रों के लाइसेंस रद्द किए गए, 7 कृषि केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए तथा 5 केंद्रों को सख्त चेतावनी दी गई है, ऐसी जानकारी जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी निलेश कानवडे ने दी है.
गोंदिया जिले में खरीफ मौसम के अनुरूप उर्वरकों की उपलब्धता, बिक्री व गुणवत्ता आदि की निगरानी के लिए 8 निरीक्षकों व 1 उड़नदस्ते का उपयोग कर किसानों को एमआरपी दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने व अनावश्यक आदानों की लिंकिंग रोकने के लिए 2 अगस्त से जिले में कृषि आदान धारकों के यहां अभियान चलाकर निरीक्षण किया गया. ईपीओएस मशीनों के माध्यम से उर्वरक बेचना अनिवार्य होते हुए भी ईपीओस पर स्टॉक और वास्तविक स्टॉक के बीच कई स्थानों पर विसंगतियां पाई गईं, साथ ही लाइसेंस के अनुसार अन्य अनियमितताएं जैसे स्टॉक बुक का अद्यतन न करना, बिक्री लाइसेंस में उत्पत्ति प्रमाण पत्र शामिल न करना, निर्धारित अवधि के भीतर पंजीकरण प्रमाण पत्र का नवीनीकरण न करना, प्रदर्शन क्षेत्र में शेष स्टॉक और मूल्य सूची का प्रदर्शन न करना, स्टॉक और बिक्री रजिस्टर का रखरखाव न करना, रजिस्टर पर स्टॉक और वास्तविक स्टॉक का मिलान न करना आदि के लिए 3 अगस्त को गोंदिया के जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी के कार्यालय में सुनवाई हुई. इसमें 2 कृषि आदान केंद्रों के लाइसेंस रद्द, 7 केंद्रों के लाइसेंस निलंबित और 5 कृषि केंद्रों को सख्त चेतावनी दी गई है.
कृषि सेवा केंद्र संचालक बीज, रासायनिक उर्वरकों की जमाखोरी करते हैं या अत्यधिक दर पर उर्वरक बेचते हैं तो कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. किसानों को आधिकारिक रूप से लाइसेंस प्राप्त कृषि सेवा केंद्रों से उर्वरक, बीज और कीटनाशक खरीदने चाहिए. जिले में यूरिया, डीएपी और 20:20:0:13 उर्वरकों की एमआरपी से अधिक दर पर बिक्री और रिसाव के संबंध में कृषि विभाग के फोन नंबर 7499251343 पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है और व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करना संभव है. इसलिए, सभी किसान कृषि अधिकारी, संबंधित तहसील कृषि अधिकारी के कार्यालय में एमआरपी से अधिक दर पर बिक्री और रिसाव के बारे में लिखित शिकायत दर्ज करें, ऐसी अपील जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी निलेश कानवडे ने की है.



