किसानों की आर्थिक दुविधा : दो माह से बनी हुई है समस्या
गोंदिया. जिला पणन संघ के सरकारी धान खरीद केंद्र पर रबी धान बेचने वाले 4211 किसानों के 50 करोड़ रु. के भुगतान पिछले 2 माह से नहीं हुआ है. जिससे खरीफ सीजन के दौरान किसानों को परेशानी हो रही है. इसलिए किसानों को बैंकों और साहूकारों के दरवाजे पर खड़ा होना पड़ रहा है.
किसानों को गारंटी मूल्य से कम दाम ना मिले, इसके लिए जिला पणन संघ और आदिवासी विकास महामंडल खरीफ और रबी सीजन में सरकारी धान खरीदी केंद्र से धान खरीदी करते हैं. खरीफ और रबी सीजन में सरकारी धान खरीद केंद्र पर धान को 2040 रु. प्रति क्विंटल का गारंटी मूल्य मिला. इसलिए किसानों ने बड़ी मात्रा में धान बेचा. रबी मौसम का धान बेचकर किसान खरीफ मौसम में रोपाई व अन्य कृषि कार्य करते हैं. लेकिन दो माह पहले सरकारी धान खरीदी केंद्र पर धान बेचने के बाद भी भुगतान अब तक नहीं मिला है. परिणामस्वरूप किसानों को रोपाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए साहूकारों और बैंकों के दरवाजे पर खड़ा होना पड़ रहा है. रबी सीजन में धान बेचने वाले 4211 किसानों का 50 करोड़ 46 लाख 23 हजार रु. अब तक जिला पणन संघ से नहीं मिला है. मार्केटिंग फेडरेशन के अधिकारियों का कहना है कि शासन से धनराशि मिलते ही यह कार्य करा दिया जाएगा.
33 हजार 784 किसानों ने बेचा धान
रबी सीजन के दौरान जिले के कुल 33 हजार 784 किसानों ने 94 लाख 96 हजार क्विंटल धान जिला पणन संघ के विभिन्न धान खरीदी केंद्रों पर बेचा. इस धान की कुल कीमत 219 करोड़ रु. है.
385 किसानों ने बेचा मक्का
पिछले दो-तीन वर्षों से जिले में मक्का की खेती के क्षेत्र में वृद्धि के कारण सड़क अर्जुनी और अर्जुन मोरगांव तहसील में गारंटी के तहत मक्का खरीदा जा रहा है. रबी सीजन में शासकीय आधार खरीदी केंद्र पर 385 किसानों ने 1 करोड़ 36 लाख 359 रु. का मक्का बेचा गया है.






