गोंदिया: मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने देवरी की 70 साल के नूतन बंसोड़ के खिलाफ दर्ज FIR और चार्जशीट रद्द करते हुए उसे बड़ी राहत दी है. न्यायालय के इस फैसले से बुजुर्ग बंसोड़ को राहत मिली है.
जानकारी के अनुसार, देवरी की उनकी एक महिला रिश्तेदार ने शिकायत दर्ज कराई थी. उस शिकायत पर देवरी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत मामला दर्ज किया और जांच पूरी करके अतिरिक्त सत्र न्यायालय, गोंदिया में दोषपत्र पेश किया. इस कार्रवाई के खिलाफ नूतन बंसोड़ ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति उर्मिला फालके-जोशी की खंडपीठ के सामने हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कहा कि FIR और चार्जशीट में कोई ठोस, भरोसेमंद और पहली नजर में मानने लायक सबूत नहीं हैं. इसलिए, संबंधित FIR और चार्जशीट को रद्द करने का आदेश जारी किया गया. नूतन बंसोड़ की ओर से एड. अदिति पारधी और एड. योगेश पारधी ने कोर्ट के सामने अपनी दलीलें पेश कीं. कोर्ट के फैसले ने संबंधित मामले में एक अहम मोड़ ला दिया है और कानूनी प्रक्रिया में ठोस सबूतों के महत्व को सामने लाया है.






