गोंदिया. शहर थाना क्षेत्र में पिछले वर्ष दिनदहाड़े हुए गोलीबारी कांड के मास्टरमाइंड प्रशांत मेश्राम को शहर पुलिस व लोकल क्राइम ब्रांच ने अरेस्ट कर लिया है. 14 महीने से फरार यह अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था. लेकिन गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने सोमवार की शाम भीमनगर उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया.
11 जनवरी 2024 को पूर्व नगरसेवक लोकेश (कल्लू) यादव पर दो बाइक सवार शूटरों ने महज पांच फीट की दूरी से फायरिंग की थी. इस हमले में एक गोली उसके शरीर में धंस गई, जिसे नागपुर में जटिल ऑपरेशन के बाद निकाला गया और उसकी जान बच गई. पुलिस अब तक इस मामले में दो शूटरों सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. लेकिन मास्टरमाइंड प्रशांत मेश्राम घटका के बाद से ही फरार था. पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह हमला 40 लाख रु. की सुपारी पर किया गया था. हमले से पहले शूटरों ने एक हफ्ते तक रेकी की थी. सवाल यह उठता है कि यह रकम प्रशांत मेश्राम ने खुद दी या किसी सफेदपोश से लेकर दी गई? मास्टरमाइंड प्रशांत मेश्राम ने शूटरों को माउजर पिस्टल उपलब्ध कराई थी. ताकि हमले के वक्त निशाना न चूके, इसके लिए नंगपुरा मुर्री की लाल पहाड़ी के पीछे एक दिन तक फायरिंग की प्रैक्टिस भी की गई थी. अब पुलिस यह भी खंगाल रही है कि यह हथियार प्रशांत मेश्राम के पास कहां से आया? उसने इसे खरीदा या किसी सफेदपोश ने इसे उपलब्ध कराया? यह राज अब उसकी गिरफ्तारी के बाद खुलेगा. जानकारी के अनुसार, जिस अपराधी को पुलिस 14 महीने से खोज रही थी, वह पिछले डेढ़ से दो महीने से अपने ही घर में छिपा हुआ था. अब पुलिस प्रशांत मेश्राम के परिवार पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है, क्योंकि उन्होंने पुलिस को सूचना नहीं दी. पुलिस को उम्मीद है कि पीसीआर रिमांड के दौरान कई सफेदपोश चेहरे उजागर हो सकते हैं. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे के निर्देश पर शहर पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक किशोर पर्वते के मार्गदर्शन लोकल क्राइम ब्रांच ने की है.
पूर्व पार्षद लोकेश (कल्लू) यादव गोलीकांड का मास्टरमाइंड 14 माह बाद अरेस्ट, घर से ही किए गिरफ्तार
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