कृषि विभाग के माध्यम से 1.50 लाख रुपये का अनुदान : युवाओं को प्रयोगशालाएं स्थापित करने का अवसर
गोंदिया : राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम स्तर पर ग्राम स्तरीय मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी. गोंदिया जिले में कुल 15 मृदा परीक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे और 10वीं उत्तीर्ण युवाओं को इसके लिए अवसर दिया जाएगा. प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा प्रत्येक को 1 लाख 50 हज़ार रुपये का अनुदान दिया जाएगा.
विभिन्न रासायनिक उर्वरकों और दवाओं के उपयोग से मिट्टी की बनावट खराब हो रही है. इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन भी भूमि को प्रभावित कर रहा है, जिसका फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. ऐसे में मृदा परीक्षण की आवश्यकता और अधिक स्पष्ट हो गई है. पिछले कुछ वर्षों में, किसान जागरूक हुए हैं और मृदा परीक्षण करवा रहे हैं और इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ग्राम स्तरीय प्रयोगशालाओं के लिए इच्छुक व्यक्तियों या संगठनों से प्रस्ताव/आवेदन आमंत्रित किए गए हैं. प्रत्येक प्रयोगशाला की वार्षिक मृदा नमूना परीक्षण क्षमता 3,000 नमूनों की होगी. सरकार पहले 300 नमूनों के परीक्षण के लिए 300 रुपये प्रति नमूना प्रदान करेगी. इसके बाद, अगले 500 मृदा नमूनों के लिए 20 रुपये प्रति नमूना की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी. शेष 2,200 नमूनों का परीक्षण संबंधित प्रयोगशाला द्वारा अपने खर्चे पर किया जाएगा और किसानों से सरकारी दर के अनुसार शुल्क लिया जाएगा.
कौन और कब तक कर सकता है आवेदन
प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए आवेदन करने वाले युवाओं को 10वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए और आयु सीमा 18 से 27 वर्ष है. किसान उत्पादक संगठन, कृषि क्लीनिक और कृषि-व्यवसाय केंद्र, पूर्व सैनिक, स्वयं सहायता समूह, खुदरा उर्वरक विक्रेता, स्कूल, कॉलेज, युवक-युवती जैसे कई पात्र आवेदन कर सकते हैं. आवेदनों की जांच जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी और लाभार्थियों का चयन किया जाएगा.
संबंधित आवेदन 25 अगस्त 2025 तक तालुका कृषि अधिकारी, जिला मृदा सर्वेक्षण एवं मृदा परीक्षण अधिकारी गोंदिया और जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी गोंदिया के पास अवश्य पहुंच जाने चाहिए. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत जिले में 15 मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का लक्ष्य रखा गया है. इच्छुक लाभार्थी आवेदन कर स्वयं की प्रयोगशाला स्थापित करें और इस योजना का लाभ उठाएं, ऐसी अपील जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी नीलेश कानवड़े ने की है.






