NNTR का टी-33 बाघ व्याघ्र प्रकल्प में ही, बाघ गायब होने की खबर से मचा था हडकंप

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गोंदिया. कुछ सोशल मीडिया पर नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प (NNTR) का प्रसिद्ध नर बाघ ‘पांगड़ी’ व एक बाघिन गायब हो जाने की खबर छपने से हड़कंप मच गया था. लेकिन नवेगांव नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार नर बाघ ‘पांगडी’ NNTR टी 33 है और नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प (NNTR) के रिजर्व क्षेत्र AITE 2026 में पंजीकृत है. विभाग ने बाघ के गायब होने की खबर से इनकार किया है. हालांकि, कहा गया है कि एनटी 3 बाघिन का कोई रिकॉर्ड नहीं है. नवेगांव नागझिरा व्याघ्र प्रकल्प क्षेत्र साकोली के उपसंचालक ने एक पत्र में बताया है कि यह कहना सही नहीं है कि बाघ अपना क्षेत्र बदलने की वजह से गायब हुआ है. इसके साथ ही, यह भी कहा गया है कि बफर क्षेत्र में बाघों को नियंत्रण में करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

नया नर बाघ पंजीकृत
सेवा संस्था के अध्यक्ष सावन बाहेकर के अनुसार, ‘पांगडी’ नाम का प्रसिद्ध नर बाघ दिसंबर से नहीं देखा गया है. हालांकि, जांभाडी नाम के एक नए नर बाघ के देखे जाने की खबर है. बाहेकर ने बाघिन NT-3 को लेकर भी चिंता जताई, जिसे बाघों की आबादी और अनुवांशिक विविधता को मजबूत करने के लिए NNTR में दोबारा लाया गया था. उन्होंने कहा, “यह बाघिन पिछले छह महीनों से नहीं देखी गई है, जिससे अनिश्चितता बढ़ गई है” उन्होंने कहा, अगर ‘बलवान बाघ’, ‘पांगडी’, अपने अधिवास से गायब हो जाता है, तो यह इन बाघिनों और उसके बच्चों के लिए खतरा बन सकता है”

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